Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

शिक्षा समाज में परिवर्तन का माध्यम है: डॉ. दिनेश शर्मा ने जय नारायण मिश्र महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर दिया संदेश

लखनऊ के श्री जय नारायण मिश्र पीजी महाविद्यालय के संस्थापक दिवस पर डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज में बदलाव लाती है. बालिकाएं आगे निकल रही हैं, जो नारी सशक्तिकरण का उदाहरण है. नैतिक मूल्य जरूरी हैं.

Dr-Dinesh-Sharma
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

श्री जय नारायण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केकेसी) के संस्थापक दिवस का आयोजन बड़ी धूमधाम से हुआ. इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा शामिल हुए. हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ. महाविद्यालय 1917 में स्थापित हुआ है और NAAC से ‘A’ ग्रेड प्राप्त है. यह लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध एक प्रतिष्ठित संस्थान है.

शिक्षा से समाज में बदलाव

डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा माध्यम है. शिक्षा से व्यक्ति में नया इंसान जन्म लेता है. पढ़ाई बहुत जरूरी है, लेकिन इसके साथ नैतिक मूल्यों को भी जोड़ना चाहिए. आधुनिकता के साथ संस्कृति को बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी त्रुटियों को दूर करने से ही उज्ज्वल भविष्य का रास्ता बनता है.

महाविद्यालय की सराहना

डॉ. दिनेश शर्मा ने महाविद्यालय की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है, लेकिन यह महाविद्यालय अपवाद है. यहां भारत की संस्कृति और शिक्षा की गुणवत्ता सबसे ऊपर है. संस्थापक जय नारायण मिश्र जी का समाज के लिए बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय को NAAC की रेटिंग और बेहतर करनी चाहिए. पुराना ज्ञान का पौधा अब बड़ा वृक्ष बन चुका है. भविष्य में इसका देशभर में विस्तार होना चाहिए.

नारी सशक्तिकरण का उदाहरण

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाएं अब बालकों से आगे निकल रही हैं. यह नारी सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है. पहले पुरुष प्रधान माने जाने वाला यह महाविद्यालय आज नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है. इसी वजह से यहां सुधार की प्रक्रिया तेज हुई है. NAAC में ‘A’ ग्रेड मिलना बड़ी उपलब्धि है.

नकल रोकने की मिसाल

उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी एक पुरानी घटना का जिक्र किया. यहां नकल कराने वालों को पकड़ा गया था. शिक्षक उच्च कोटि के हैं, जिससे परिणाम हमेशा शानदार रहते हैं. ज्ञान के प्रकाश से समाज को रोशन करने वाला यह महाविद्यालय सराहनीय प्रगति कर रहा है.

महिला सम्मान और सामाजिक मुद्दे

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि समाज में पुरुष और महिला के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए. दोनों को बराबर योगदान देना चाहिए. महिला का अपमान महाभारत का कारण बना था. महिला का सम्मान पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. दहेज के लिए अत्याचार करने वाले दंड के पात्र हैं. आज महिलाएं और पुरुष दोनों प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार, प्रताड़ना से आत्महत्या करने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं से ज्यादा है. भारतीय दर्शन में विवाह सात जन्मों का बंधन है, लेकिन आज सात दिन में तलाक हो जाता है. परिवार विघटन से संस्कृति खतरे में है. इसलिए नैतिक शिक्षा जरूरी है. बच्चों को पढ़ाई के साथ समाज और परिवार के प्रति कर्तव्य भी सिखाना चाहिए.

भविष्य की तैयारी

उन्होंने कहा कि लखनऊ एआई सिटी बनने जा रहा है. इसके अनुसार कोर्स चलाए जाने चाहिए. पढ़ाई के साथ रोजगार भी मिले. अपने उपमुख्यमंत्री काल का जिक्र करते हुए कहा कि तब नकल रोकने से यूपी नकल मुक्त परीक्षा का मॉडल बना. शोध को बढ़ावा दिया गया. शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं. उन्हें जीवनभर पढ़ते रहना चाहिए. यहां भी शोध को प्रोत्साहन देना चाहिए.

समारोह में विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति प्रो जेवी वैश्यम्पायन, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो बीएल शर्मा, प्राचार्य डॉ केके शुक्ला, अध्यक्ष डॉ मनोज पांडे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम की संचालिका प्रो पायल गुप्ता थीं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital