UP News: इटावा जिले में ट्रांसफर–पोस्टिंग के नाम पर रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) बनवारी लाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने जिला पंचायत राज विभाग में हड़कंप मचा दिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वायरल वीडियो में क्या-क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में DPRO बनवारी लाल एक पंचायत सचिव से ट्रांसफर–पोस्टिंग के बदले 40 हजार रुपये की मांग करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वह 20 हजार रुपये नकद लेते हैं. खास बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम को पंचायत सचिव ने खुद अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया है, ताकि भ्रष्टाचार का सबूत सामने लाया जा सके.
शिकायतकर्ता सतेंद्र सिंह का दावा है कि DPRO बनवारी लाल कार्रवाई के नाम पर लगातार उगाही कर रहे थे. उनका कहना है कि पंचायत सचिवों, ग्राम सचिवों और सफाई कर्मचारियों से सुविधा शुल्क की मांग आम बात हो गई थी. वायरल वीडियो में भी इस तरह की वसूली को लेकर बातचीत होती हुई सुनी जा सकती है, जिससे आरोपों को और बल मिलता है.
वीडियो में DPRO बनवारी लाल यह कहते हुए भी सुने जा रहे हैं कि “ताखा के जय किशन दो लाख रुपये दे रहा था.” इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है और यह संकेत देता है कि रिश्वतखोरी केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक संगठित व्यवस्था का हिस्सा हो सकती है.
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इटावा में DPRO ने ली रिश्वत
बताया जा रहा है कि बनवारी लाल पिछले तीन वर्षों से विकास भवन, इटावा में DPRO के पद पर तैनात हैं. इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है.
फिलहाल, इस मामले पर विभागीय जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है. लेकिन वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है और आम जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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