मिर्जापुर के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. गांव में पांच दिन से लापता श्रमिक का शव घर से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल में दफन मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई.
56 वर्षीय छोटकऊ कोल
मृतक की पहचान देवघट गांव के कोल बस्ती निवासी 56 वर्षीय “छोटकऊ कोल” के रूप में हुई है. परिजनो के मुताबिक 22 जनवरी की रात खेतों की रखवाली करने के लिए घर से लगभग 300 मीटर दूर गए थे. लेकिन इसके बाद से वे घर वापस नहीं लौटे. बहुत खोजने पर जब वह नहीं मिले, तो इस घटना के बाद परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी और FIR दर्ज कराया.
छोटकऊ कोल का शव बरामद
वहीं मंगलवार की शाम सजहवा बाउली जंगल की ओर जा रहे चरवाहों को जंगल में कुछ दूर से दुर्गंध महसूस हुई. पास जाकर देखने पर एक गड्ढे से बदबू आ रही थी, वही पास में एक लाठी वभी पड़ी मिली. ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सुचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष भारत सुमन, एसआई सुभाष यादव व पुनीत गुप्ता मौके पर पुलिस के साथ आ पहुंचे और गड्ढा खोदकर शव बरामद किया. हालांकि शव चादर से बंधा हुआ मिला.
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मृतक के पुत्र लवकुश कोल से बातचीत पर उन्होंने शव की पहचान पिता के रूप में की है, और मामले में हत्या की आशंका जताई है. लवकुश ने बताया कि वह स्थाई रूप से यहां नहीं रहते. घटना की जानकारी मिलते ही वह तुरंत घर वापस लौट आए. इस घटना की सुचना सबसे पहले लाल बाबू जो कि उनके मामा के बेटे हैं, को मिली थी. लवकुश ने बताया कि उनके पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. हालांकि, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और पुलिस सभी पहलूओं से मामले की गहन जांच करने में जुटी हुई है.
-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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