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‘आंखों पर पट्टी बांधी और पैर में मार दी गोली’, भाजपा नेता बोला- ठाकुर होने की सजा मिली; क्या है आजमगढ़ एनकाउंटर?

Azamgarh Encounter News: आजमगढ़ में पुलिस एनकाउंटर मामले में नया मोड़. जेल से बाहर आए भाजपा बूथ अध्यक्ष धर्मेंद्र उर्फ अभिषेक सिंह ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर, साक्ष्य मिटाने और जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

Azamgarh Encounter

Azamgarh Police Encounter: शुभम/आजमगढ़: आजमगढ़ में पुलिस एनकाउंटर की सत्यता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ‘हाफ एनकाउंटर’ के बाद जेल से जमानत पर बाहर आए घायल धर्मेंद्र उर्फ अभिषेक सिंह ने मीडिया के सामने आकर पुलिसिया कार्रवाई की जो हकीकत बयां की है, उसने प्रशासन के ‘सुशासन’ के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. पीड़ित का दावा है कि वह भाजपा का बूथ अध्यक्ष है और उसे सिर्फ एक खास जाति का होने की वजह से निशाना बनाया गया.

आंख पर पट्टी बांधकर मारी गोली

पीड़ित धर्मेंद्र उर्फ अभिषेक सिंह (निवासी चकलालचन, थाना जीयनपुर) ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि पुलिस दोपहर में उसके घर का दरवाजा तोड़कर उसे उठा ले गई थी. पीड़ित के अनुसार पुलिस ने गिरफ्तारी कहीं और से दिखाई, जबकि उसे घर से उठाया गया था.

पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को पुलिस ने जबरन डिलीट कर दिया ताकि कोई सबूत न रहे. पीड़ित का आरोप है कि उसकी आंखों पर पट्टी बांधी गई और फिर बाएं पैर में गोली मार दी गई. मुठभेड़ को असली दिखाने के लिए पुलिस ने अवैध हथियार, बाइक और लैपटॉप पास रखकर जबरदस्ती उसके फिंगरप्रिंट लिए.

“ठाकुर होने की मिली सजा” (Azamgarh Fake Encounter)

पीड़ित ने जातिवाद का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुठभेड़ के दौरान पुलिसकर्मी उसे ठाकुर होने की बात कहकर भद्दी गालियां दे रहे थे. उसने साफ कहा कि उसे राजपूत होने की सजा दी गई है. इस मामले को लेकर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह उर्फ ‘वीरू’ ने पुलिस अधिकारियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि

‘निर्दोष व्यक्तियों का फर्जी एनकाउंटर कर कुछ भ्रष्ट अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को बदनाम कर रहे हैं. हम इस फर्जीवाड़े में संलिप्त पुलिस वालों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा करेंगे.’

बता दें कि एनकाउंटर के तुरंत बाद ग्रामीणों और परिजनों ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया था. मुख्यमंत्री के आजमगढ़ आगमन पर भी ग्रामीणों ने उन्हें इस ‘फर्जी एनकाउंटर’ की जांच के लिए अवगत कराया है.\

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क्या था पूरा मामला? (Fake Encounter In Azamgarh)

यह मामला 26 मार्च 2026 को दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा है. रायबरेली निवासी राममिलन यादव (एरिया मैनेजर, IL) ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और लैपटॉप-मोबाइल चोरी की तहरीर दी थी. शहर कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद धर्मेंद्र सिंह, अंशुमान सिंह और राहुल राय को आरोपी बनाया और तमसा नदी के मोहतीघाट के पास धर्मेंद्र के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार करने का दावा किया था.



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