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पीड़ित दलित परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर ‘आजाद’ को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोका, हुई धक्का-मुक्की

दलित समाज के लोकप्रिय युवा नेता चंद्रशेखर आजाद को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने मेरठ जाने से रोका. पीड़ित दलित परिवार से मिलने जा रहे थे. धक्का-मुक्की हुई, उन्होंने कहा- मैं चुना हुआ सांसद हूं, पीडित से मिलने जरूर जाउंगा.

Chandrashekhar Azad ghazipur ghaziabad
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Chandrashekhar Azad Police Clash: आज दिल्ली से सटे गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर पर बड़ा हंगामा हुआ. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पुलिस से भिड़ गए. पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने से रोक दिया. वे मेरठ जा रहे थे, जहां एक दलित परिवार से मिलना चाहते थे. इस परिवार की महिला की हत्या हो गई थी और बेटी का अपहरण हुआ था.

गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोका

चंद्रशेखर आजाद का काफिला गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से मना कर दिया. पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अनुमति नहीं है. समर्थकों की भीड़ जुट गई और माहौल गरमा गया. चंद्रशेखर आजाद खुद आगे बढ़े और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई. नोकझोंक भी हुई.

सांसद ने पुलिस से की तीखी बहस

चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों से कहा, “मैं एक चुना हुआ सांसद हूं और तुम लोग मुझसे बदतमीजी करोगे, मुझे धक्का मारोगे.” उन्होंने जिद की कि वे किसी भी कीमत पर पीड़ित परिवार से मिलेंगे. वे न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे. भारी पुलिस बल तैनात था. पुलिस ने स्थिति को काबू में रखा और बड़े टकराव से बचाया. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रशेखर ने पुलिस को चकमा देकर आगे बढ़ने की कोशिश भी की और सड़क पर दौड़ लगाई.

मेरठ मामले पर राजनीतिक तनाव

यह पूरा विवाद मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में हुई घटना से जुड़ा है. गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी. आरोप है कि गांव के ही पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया. मां ने विरोध किया तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया. महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आरोपी बेटी को लेकर फरार हो गए. गांव में भारी आक्रोश फैला. विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. चंद्रशेखर इसी पीड़ित दलित परिवार से मिलने जा रहे थे.

पुलिस की चार स्तरीय नाकेबंदी

पुलिस ने चंद्रशेखर को रोकने के लिए दिल्ली-मेरठ रूट पर चार स्तर की नाकेबंदी की थी. गाजीपुर टोल प्लाजा से लेकर अन्य जगहों पर भारी पुलिस बल था. प्रशासन का कहना है कि तनाव की आशंका को देखते हुए यह एहतियातन कदम उठाया गया. क्षेत्र में शांति बनाए रखना जरूरी है. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएंगे. वे इस मामले को हाथरस जैसा नहीं बनने देंगे. उनकी इस कोशिश से दलित मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

मेरठ के कपसाड में क्या हुआ था?

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी. तभी आरोप है कि गांव के ही पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया. जब मां ने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आरोपी युवती को लेकर मौके से फरार हो गए. घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा गया. चंद्रशेखर इसी पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे.

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