Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

एनकाउंटर हो जाएगा…’, जानें कैसे नोएडा में GST के नाम पर ठगे गए 29 लाख?

ग्रेटर नोएडा में फर्जी GST अधिकारी और यूपी पुलिस का दरोगा बनकर एक GST कंसल्टेंट को अगवा कर लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है.

ग्रेटर नोएडा में खुद को GST अधिकारी और यूपी पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर एक GST कंसल्टेंट को अगवा करने और उससे लाखों रुपये वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. बिसरख थाना पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन लोगों ने करीब छह महीने तक GST कंसल्टेंट की रेकी की और मौका मिलते ही उसे रास्ते से उठाकर बंधक बना लिया.

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कशिश चौहान उर्फ ईशु, राजेश पवार, विवेक शर्मा, अंकित शाही और अंशुल के रूप में हुई है. इनके पास से 24.50 लाख रुपये नकद, सात मोबाइल फोन, दो गाड़ियां और पुलिस दरोगा की वर्दी व जूते बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इसी वर्दी का इस्तेमाल वारदात के दौरान पीड़ित को डराने के लिए किया गया था.

छह महीने तक करते रहे पीछा

मामला करीब 20 दिन पुराना बताया जा रहा है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिसरख इलाके में रहने वाले GST कंसल्टेंट संदीप को लंबे समय तक निशाना बनाया. करीब छह महीने तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद आरोपियों ने एक दिन घर से ऑफिस जाते समय उसकी गाड़ी का पीछा किया.

रास्ते में आरोपियों ने ओवरटेक करके संदीप की कार रुकवा ली. इसके बाद खुद को GST अधिकारी बताते हुए उस पर GST में गलत तरीके से बिल काटने और रिफंड लेने का आरोप लगाया. पुलिस की वर्दी पहने आरोपी ने संदीप को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि मामला गंभीर है और उसे पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाना होगा.

इसके बाद आरोपी उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर ग्रेटर नोएडा से नोएडा और फिर यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते लखनऊ की ओर ले जाने लगे.

पुलिस के अनुसार, जेवर टोल प्लाजा पार करने के बाद आरोपियों ने संदीप को और ज्यादा डराया. उसे एनकाउंटर किए जाने की धमकी दी गई और मामला खत्म करने के बदले 50 लाख रुपये मांगा गया. अपनी जान को खतरा महसूस होने पर संदीप ने अपने भाई से संपर्क किया. इसके बाद परिवार की मदद से 29 लाख रुपये की व्यवस्था की गई. आरोपियों को रकम सौंपने के बाद उन्होंने संदीप को छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए.

घर लौटने के बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. शिकायत मिलते ही बिसरख पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.

CCTV फुटेज से पुलिस आरोपियों तक पहुंची

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. आरोपियों तक पहुंचने के लिए पांच अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गाड़ियों और आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस किया.

आखिरकार पुलिस टीम ने पांचों आरोपियों को जलपुरा गांव के पास स्थित इस्कॉन मंदिर के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से 24 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए.

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वसूली गई रकम का एक हिस्सा अपने दूसरे काम में लगाया था. पुलिस ने करीब साढ़े चार लाख रुपये कीमत की ज्वेलरी भी बरामद की है. बताया गया है कि यह ज्वेलरी पहले फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रखी गई थी, जिसे आरोपियों ने कथित तौर पर इसी रकम से छुड़ाया था.

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दोनों गाड़ियों के साथ सात मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं. दरोगा की वर्दी और जूते भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी पुलिस अधिकारी की पहचान बनाने के लिए किया गया था.

ये भी पढ़ें:मुस्कान-सोनम कांड तो सिर्फ ट्रेलर था, दिल्ली की इस पत्नी ने पार की हैवानियत की हदें; जहर, करंट फिर फंदे से ली पति की जान

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital