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आलू की निकाली ‘शव यात्रा’, किसानों का अनोखा प्रदर्शन; बोले- कोल्ड स्टोरेज में मर रही फसल

Hathras potato farmers protest: हाथरस के सादाबाद में आलू की गिरती कीमतों से नाराज भाकियू (टिकैत) कार्यकर्ताओं ने आलू की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली. किसानों ने सरकार से उचित समर्थन मूल्य, सब्सिडी और राहत पैकेज की मांग करते हुए अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया.

Hathras potato farmers protest

Hathras potato farmers protest

Hathras potato farmers protest: हाथरस/ दीपेश कुमार: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद में आलू की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने आलू की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई. किसानों का कहना है कि लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

आलू की अर्थी सजाकर निकाली शव यात्रा

प्रदर्शन की शुरुआत सादाबाद के आगरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह स्मारक से हुई. यहां किसानों ने आलू की अर्थी तैयार की और उसे कंधों पर उठाकर पूरे कस्बे में शव यात्रा निकाली. प्रदर्शन के दौरान किसान शोक मनाते और रोने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते नजर आए. इसके बाद शव यात्रा को श्मशान घाट तक ले जाया गया, जहां किसानों ने आलू की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की.

राम नाम सत्य है, आलू रोज मरता है’ के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने “राम नाम सत्य है, आलू रोज मरता है” जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उनका कहना था कि कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू खराब हो रहा है, लेकिन बाजार में उचित कीमत नहीं मिल रही. इससे किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों बर्बाद हो रही हैं.

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सरकार से राहत पैकेज और सब्सिडी की मांग

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने कहा कि देश के कई राज्यों में सरकारें किसानों को फसल पर सब्सिडी और आर्थिक सहायता दे रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादकों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द आलू के उचित दाम सुनिश्चित करे और किसानों को राहत पैकेज उपलब्ध कराए.

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि यह प्रदर्शन केवल आलू की नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों आलू किसानों की बदहाल स्थिति की आवाज है.

भारत एक्सप्रेस



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