उत्तर प्रदेश के संभल जनपद स्थित ऐंचौड़ा कंबोह में श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ हो चुका है. इस ऐतिहासिक मौके पर श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, यूपी की शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी, उनकी बेटी बनियाखेड़ा ब्लॉक प्रमुख डॉक्टर सुगंध सिंह एवं मुरादाबाद कमिश्नर (मंडलायुक्त) आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और जिला विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने भूमि पूजन किया.
कल्कि धाम की भूमि पर जब जेसीबी मशीन से खुदाई हुई, तो श्रद्धालुओं के बीच जयकारों और मंत्रोच्चारण से वातावरण भक्तिमय हो गया. श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि यहां पर श्रीहरि विष्णु के दसवां अवतार होगा, जिन्हें कल्कि भगवान कहा जाएगा, उन्हीं के सम्मान में इस मंदिर का निर्माण किया जा रहा है.
श्री #kalkidham के “निर्माण”
के शुभारंभ की,
संपूर्ण “सनातन” जगत को बधाई. @narendramodi @PMOIndia @myogiadityanath pic.twitter.com/GICLp2pBme— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) March 21, 2025
श्री कल्कि धाम के निर्माण की शुरुआत के साथ ही भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिला. पूजा स्थल पर उमड़े श्रद्धालुओं ने श्री कल्कि भगवान के जयकारे लगाए और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस अवसर पर कहा कि यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भविष्य के दिव्य युग की आधारशिला है.
संभल/ श्रीकल्कि धाम मंदिर के निर्माण कार्य शुरु, आचार्य प्रमोद कृष्णम, कमिश्नर, डीएम ने खुदाई के लिए आई जेसीबी की पूजा कर शुभारंभ किया। खुदाई शुरू होते ही भक्त खुशी से झूम उठे। @AcharyaPramodk #Sambhal @Comm_Moradabad @DmSambhal pic.twitter.com/LNbNnGzRrN
— Arun (आज़ाद) Chahal 🇮🇳 (@ArunAzadchahal) March 21, 2025
यह धाम भगवान कल्कि के अवतार से पहले तैयार होगा, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा.
शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण
यह मंदिर विशेष रूप से अपनी स्थापत्य कला के लिए जाना जाएगा. मंदिर का निर्माण गुलाबी पत्थरों से होगा और इसकी शैली अयोध्या के राम मंदिर और सोमनाथ मंदिर जैसी होगी. मंदिर के शिखर की ऊंचाई 171 फीट होगी और इसका चबूतरा जमीन से 11 फीट ऊपर होगा. इसमें भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों के गर्भगृह होंगे, जिससे यह मंदिर एक अनूठा धार्मिक केंद्र बन जाएगा.
सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र का रूप लेगा श्री कल्कि धाम
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित होगा. इसके निर्माण से संभल का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व और बढ़ेगा.
जिला विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने मंदिर के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जोर दिया और यह सुनिश्चित किया कि कार्य पूर्ण सटीकता और ध्यान से किया जाएगा, ताकि यह धाम युगों-युगों तक श्रद्धालुओं के लिए एक आस्थामय स्थल बना रहे.
भक्तों की श्रद्धा और उल्लास
जब जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू हुई, तो भक्त झूमते हुए भगवान कल्कि के जयकारे लगाते हुए नाचे. पीरगढ़, अमरोहा से निकली श्री बालाजी दरबार की पदयात्रा भी इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर पहुंची, जिससे आयोजन और भी भव्य हो गया. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक, हर कोई इस अद्वितीय मौके का गवाह बनने के लिए वहां मौजूद था.
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का निर्माण
श्री कल्कि धाम का निर्माण कार्य धार्मिक विधियों और अनुशासन के साथ हो रहा है. यह मंदिर भारत की समृद्ध धार्मिक परंपरा का हिस्सा बनेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्थास्थल रहेगा. इसके निर्माण से न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक नई दिशा मिलेगी.
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