गाजियाबाद (23 अक्टूबर 2026): दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा कार्यों को समर्पित और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के सजीव मंचन के दूसरे दिन गाजियाबाद का सनसिटी प्रांगण राष्ट्रभक्ति और असीम ऊर्जा से सराबोर नजर आया. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महाआयोजन का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है. 22 अक्टूबर से शुरू हुआ यह सात दिवसीय महानाट्य आगामी 28 अक्टूबर तक निरंतर चलेगा.
कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिरकत की. उन्होंने कोंढाणा दुर्ग (सिंहगढ़) की ऐतिहासिक विजय और मराठी साहित्य के कालजयी कथन ‘गढ़ आया, सिंह गेला’ का प्रसंग सुनाकर समूचे पंडाल में रोमांच भर दिया.
’82 वर्ष की उम्र में भी ऊर्जा का संचार करते हैं शिवाजी महाराज’: कोश्यारी
पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि 82 वर्ष की आयु में भी छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श और उनका जीवन युवाओं जैसी स्फूर्ति और ऊर्जा प्रदान करते हैं. उन्होंने तानाजी मालुसरे के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा:
“तानाजी मालुसरे ने कोंढाणा दुर्ग पर भगवा लहराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी. जब दुर्ग फतह हुआ, तब शिवाजी महाराज ने अत्यंत भावुक होकर कहा था— ‘गढ़ तो हाथ आ गया, लेकिन मेरा सिंह चला गया’. बाद में इसी कोंढाणा का नाम बदलकर सिंहगढ़ रखा गया. हमारे देश ने मुगल और ब्रिटिश दासता के दौर में अपनी सांस्कृतिक धरोहर का बहुत कुछ खोया है, अब समय आ गया है कि आज की युवा पीढ़ी शिवाजी महाराज की तरह बुद्धि, युक्ति और शौर्य के साथ उस गौरव को पुनर्स्थापित करे.”

‘राष्ट्रनिर्माण के लिए तलवार और विचार दोनों जरूरी’: स्वामी चिदानंद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन और उसके अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की. उन्होंने कहा कि डॉ. आशीष गौतम ने स्वयं के लिए जीने के बजाय अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा और राष्ट्र चेतना को समर्पित कर दिया है.
स्वामी चिदानंद ने कहा:
“छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन दर्शन यह सिखाता है कि एक सशक्त और गौरवशाली राष्ट्र के निर्माण के लिए केवल तलवार की शक्ति ही नहीं, बल्कि उसके साथ उच्च विचारों की शक्ति का होना भी उतना ही अनिवार्य है. आज हमारी युवा पीढ़ी को ऐसे चश्मे की आवश्यकता है जो भारत को उसके वास्तविक गौरव के साथ दिखा सके, और ‘जाणता राजा’ वही दिव्य दृष्टि है. विदेशी अपसंस्कृति के हमलों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे भव्य आयोजनों की महती आवश्यकता है.”
अफजल खां के वध के दृश्य पर झूमे युवा
महानाट्य के दौरान उस समय दर्शकों और युवाओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया जब मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा बीजापुर के आक्रांता अफजल खां के वध का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया गया. शिवाजी महाराज के जन्म, माता जीजाबाई की तपस्या, समर्थ गुरु रामदास की शिक्षाओं, प्रमुख ऐतिहासिक लड़ाइयों से लेकर भव्य राज्याभिषेक तक के दृश्यों को 250 कलाकारों ने अपनी सजीव अदाकारी से जीवंत कर दिया.

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पहुंचे हजारों छात्र
कार्यक्रम स्थल पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और पूरे दिल्ली-एनसीआर से भारी भीड़ उमड़ रही है. विशेष रूप से इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राएं इतिहास के इस गौरवशाली अध्याय को देखने पहुंच रहे हैं.
दूसरे दिन के आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय संगठक नागेंद्र सिंह, प्रसिद्ध टीवी एंकर श्रीवर्धन त्रिवेदी (‘सनसनी’), राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, GNIOT के चेयरमैन व आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश निगम और संयोजक डॉ. संजय चतुर्वेदी सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे. मंच का सफल संचालन सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह ने किया.
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