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PM मोदी की ‘मन की बात’ का असर: जाति-पाति की दीवार तोड़ कल्कि धाम में परिणय सूत्र में बंधा ये जोड़ा

संभल के कल्कि धाम में काशीपुर के ऋषभ खन्ना और बुक्सा जनजाति की माही ने सादगी से विवाह रचाकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की है. प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ से प्रेरित होकर इस जोड़े ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सनातन परंपराओं को चुना.

Simple Wedding at Kalki Dham Sambhal Punjabi Boy Marries Tribal Girl Setting Social Example

Unique Wedding Sambhal: राजीव तिवारी/संभल: आज के दौर में जब शादियां करोड़ों के खर्च, भारी-भरकम तामझाम और दिखावे का जरिया बन गई हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के संभल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो दिल जीत लेने वाली है. येां एक युवा जोड़े ने श्री कल्कि धाम में बेहद सादगी के साथ सात फेरे लेकर न सिर्फ एक-दूसरे का हाथ थामा, बल्कि समाज को ऊंच-नीच और जाति-पाति के बंधनों को तोड़ने का एक बड़ा संदेश भी दिया है.

सामाजिक समरसता की नई तस्वीर

ये शादी कई मायनों में खास है. उत्तराखंड के काशीपुर से आए इस जोड़े की पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग है. दूल्हा ऋषभ खन्ना जहां एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, वहीं दुल्हन माही उत्तराखंड की बुक्सा जनजाति से आती हैं. बुक्सा जनजाति अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है. अलग-अलग समुदायों से होने के बावजूद, दोनों ने सनातन वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह करने का फैसला किया. संभल के कल्कि धाम में जब मंत्रोच्चार के बीच इस जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए, तो वहां मौजूद हर शख्स इस सामाजिक समरसता का गवाह बना.

PM मोदी की ‘मन की बात’ ने बदली सोच

अक्सर युवा पश्चिमी संस्कृति की चकाचौंध में अपनी जड़ों को भूल जाते हैं, लेकिन ऋषभ और माही की कहानी अलग है. दूल्हा-दुल्हन का कहना है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम से काफी प्रभावित रहे हैं.

पीएम मोदी अक्सर अपनी संस्कृति पर गर्व करने और सामाजिक भेदभाव मिटाने की बात करते हैं. इसी से प्रेरित होकर इस जोड़े ने तय किया कि वे किसी महंगे होटल के बजाय पवित्र कल्कि धाम में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे और जातिगत सीमाओं को पीछे छोड़ देंगे.

आचार्य प्रमोद कृष्णम और CM धामी ने दिया आशीर्वाद

इस खास अवसर पर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम खुद मौजूद रहे. उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और कहा कि ये विवाह आज के युवाओं के लिए एक सबक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि असली खुशी सादगी और अपनी परंपराओं का सम्मान करने में है.

इतना ही नहीं, इस अनोखी शादी की गूंज उत्तराखंड तक भी सुनाई दी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जोड़े को अपनी शुभकामनाएं भेजीं. वहीं, उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त फरजाना बेगम (उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग) भी शादी में शामिल होने संभल पहुंचीं. उन्होंने दंपति को उपहार भेंट किए और उनके इस कदम की सराहना की.

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-भारत एक्सप्रेस



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