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हेयर ट्रांसप्लांट में गई इंजीनियर की जान, अस्पताल छोड़ फरार हुई डॉक्टर, कानपुर के विनीत दुबे केस की जानें पूरी कहानी

कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान इंजीनियर विनीत दुबे की मौत, डॉक्टर फरार. 54 दिन बाद FIR. परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, क्लिनिक बिना मान्यता.

Hair Transplant

Hair Transplant: कानपुर के पनकी पावर प्लांट में सहायक अभियंता विनीत दुबे की हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के दौरान मौत हो गई. 13 मार्च को वह कल्याणपुर के एक निजी क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराने गए थे. डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उनके चेहरे पर सूजन आ गई और हालत बिगड़ने लगी. गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 14 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई.

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती और विनीत को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गई. मृतक की पत्नी जया ने कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के 54 दिन बाद FIR दर्ज की गई.

परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप

जया ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान पूरी जानकारी नहीं दी और अचानक क्लिनिक बंद कर गायब हो गई. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है. स्थानीय लोग कहते हैं कि शहर में बिना मान्यता के चल रहे ऐसे क्लिनिक लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं.

विनीत, जो गोरखपुर के रहने वाले थे, और हाल ही में HBTI कानपुर से पीएचडी पूरी की थी. वह अपने लुक को लेकर सजग थे और गंजेपन से परेशान थे. सोशल मीडिया पर हेयर ट्रांसप्लांट के ‘बिफोर-आफ्टर’ विज्ञापनों और एक डॉक्टर के कॉल ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया.

अज्ञात नंबर से तबीयत खराब होने की दी जानकारी

उस समय जया अपने दो बच्चों के साथ होली मनाने गोंडा गई थीं. 12 मार्च को विनीत ने कल्याणपुर के क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया. जया के अनुसार, प्रक्रिया के दौरान विनीत के चेहरे पर सूजन आ गई. डॉक्टर ने अज्ञात नंबर से फोन कर उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी, लेकिन अपनी पहचान छुपाई. डॉक्टर ने विनीत को दूसरे अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी. परिजनों ने उन्हें सर्वोदय नगर के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इंफेक्शन इतना फैल चुका था कि 15 मार्च को विनीत की मृत्यु हो गई.

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-भारत एक्सप्रेस



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