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हापुड़ पहुंची कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच, सुनार को उठाकर कौशांबी ले गई पुलिस

Kaushambi Firecracker Factory Blast: कौशांबी में 31 अगस्त 2026 को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच अब हापुड़ के पिलखुवा तक पहुंच गई है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में इस्तेमाल किए जा रहे पोटेशियम नाइट्रेट (कलमी शोरा) की सप्लाई पिलखुवा से हुई थी.

Kaushambi Firecracker Factory Blast

हापुड़ पहुंची कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच (इमेज-Bharat Express)

Kaushambi Firecracker Factory Blast: कौशांबी में 31 अगस्त 2026 को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच अब हापुड़ के पिलखुवा तक पहुंच गई है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में इस्तेमाल किए जा रहे पोटेशियम नाइट्रेट (कलमी शोरा) की सप्लाई पिलखुवा से हुई थी.

कौशांबी पुलिस ने देर रात पिलखुवा पहुंचकर सुनार धर्मेंद्र वर्मा और उसके बेटे गौरव से गहन पूछताछ की. पूछताछ के बाद धर्मेंद्र को छोड़ दिया गया, जबकि पुलिस उसके बेटे गौरव को अपने साथ कौशांबी ले गई.

पुलिस सप्लाई चेन में शामिल लोगों की कर रही तलाश

दरअसल, धर्मेंद्र के पास रसायनों की थोक बिक्री का लाइसेंस है, यह पूरा कारोबार उसका बेटा गौरव की देखरेख में होता था . अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर वर्ष 2024 में पिलखुवा से भेजा गया पोटेशियम नाइट्रेट आखिर पटाखा निर्माण तक कैसे पहुंचा? पुलिस सप्लाई चेन में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका खंगाल रही है.

Kaushambi Firecracker Factory Blast
हापुड़ पहुंची कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच (इमेज-Bharat Express)

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त रसायन खरीदवाने में सुनार ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रसायन किसके नाम पर खरीदा गया, किस उद्देश्य से दिया गया और उसके बाद किन-किन हाथों से होता हुआ अवैध पटाखा फैक्ट्री तक पहुंचा.

12 मौतों के बाद खुल रही सप्लाई चेन

कौशांबी के मनौरी क्षेत्र में 31 अगस्त को कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. हादसे के बाद जांच एजेंसियों ने मौके से मिले रसायनों और अवशेषों की जांच शुरू की थी. इसी जांच में पिलखुवा से रसायन की सप्लाई का कनेक्शन सामने आया.

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अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि लाइसेंसी कारोबार की आड़ में संवेदनशील रसायन अवैध पटाखा निर्माण तक कैसे पहुंचा. सप्लाई में लापरवाही, नियमों के उल्लंघन और संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है.

उधर, एसपी हापुड़ कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि देर रात कौशांबी पुलिस पिलखुवा आई थी और एक सुनार को हिरासत में लिया गया है. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पटाखा फैक्ट्री में इस्तेमाल रसायन खरीदवाने में उक्त सुनार मध्यस्थ बना था. मामले में बाकी तथ्यों की जांच कौशांबी पुलिस कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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