मेरठ के मवाना तहसील क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राम मोडकला के पास गन्ने के खेत में एक तेंदुआ देखा गया. तेंदुए की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों में दुबक गए. स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की.
खेतों के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
गन्ने के घने खेत आबादी के बिल्कुल करीब थे, जिससे इंसानों और जानवर के बीच संघर्ष का बड़ा खतरा बना हुआ था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आनन-फानन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. इस अभियान में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के कड़े नियमों और प्रोटोकॉल का पालन किया गया. वन विभाग की टीम के साथ विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी मोर्चा संभाला.
ट्रैंक्विलाइज कर पकड़ा गया तेंदुआ
तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों ने उसे ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) किया. अभियान के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया कि तेंदुए या किसी ग्रामीण को कोई चोट न पहुंचे. इंटरनेट से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन इलाकों में नदियों के किनारे गन्ने के खेत तेंदुओं के छिपने की पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं. फिलहाल, पकड़े गए तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में रखकर निगरानी में रखा गया है.
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर नजर रखे हुए है. जैसे ही मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आएगी और तेंदुआ पूरी तरह फिट घोषित होगा, उसे आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में अकेले न जाएं और सतर्क रहें.
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