लोहिया ट्रस्ट से शिवपाल यादव की छुट्टी
Shivpal Yadav Removed Lohia Trust: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने चाचा और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव को लोहिया ट्रस्ट से हटा दिया है. अब वो खुद ही इस ट्रस्ट की अध्यक्षता करेंगे. यूपी चुनाव से कुछ महीने पहले अखिलेश यादव के इस कदम ने यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है. राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चाचा बनाम भतीजे के बीच जंग की चर्चा शुरू हो गई है.
लोहिया ट्रस्ट के विवाद पर यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को चाचा शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है. शिवपाल यादव पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर चले गए थे. फिर खुद की पार्टी बनाई और सपा को चोर उचक्कों और जमीन कब्जाने वालों की पार्टी बताया था.
ओपी राजभर आगे कहते हैं कि शिवपाल यादव ने सपा के खिलाफ खुल कर बैटिंग की थी और पार्टी को माफियाओं की पार्टी करार दिया था. उन्होंने कहा था कि इसमें अब गरीबों की जमीन कब्जाने वाले लोग आ गए हैं. ऐसी पार्टी नहीं चल पायेगी. ऐसे में अखिलेश यादव को शिवपाल पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. इसलिए उन्होंने अपने चाचा को लोहिया ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
शिवपाल से डर गए अखिलेश
लोहिया ट्रस्ट को लेकर समाजवादी पार्टी के बीच उपजे विवाद को लेकर अब बीजेपी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव से डर गए हैं. उन्हें डर है कि कहीं शिवपाल पार्टी न चलाना शुरू कर दें.
नरेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव के गन्ना मूल्य को लेकर दिये बयान पर भी करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जी अपनी सरकार में याद करें कि उन्होंने किसानों की कितनी मदद की और उनकी सरकार में कितना बकाया था. नरेंद्र कश्यप ने आगे कहा कि योगी सरकार ने अखिलेश यादव की सरकार में बकाये का भी भुगतान किया है.
अखिलेश यादव को खड़े होने की नहीं मिलेगी जगह
वहीं जयंत चौधरी के दिये बयान पर भी अपना समर्थन जाहिर किया. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के पोते हैं. इसलिए उन्हें अखिलेश यादव के राज बिल्कुल पता होंगे. इसलिए उन्होंने कहा कि जब वो अखिलेश यादव के राज खोलेंगे तो उन्हें खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी.
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नरेंद्र कश्यप ने आगे कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट बिरादरी और किसान लठ लेकर बैठे हुए हैं. इसलिए अखिलेश यादव की रैली रद्द हो गई. अब उन्हें डर लग गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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