बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती
Mayawati on Government Schools: उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की उम्र पढ़ने, खेलने और अपने भविष्य के सपने देखने की है, वही आज स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं. मायावती ने इसे बेहद चिंताजनक स्थिति बताया और सरकारों से बच्चों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की अपील की.
जेन-अल्फा को लेकर क्या कहा?
मायावती ने कहा कि 2013 के बाद जन्मी जेन-अल्फा पीढ़ी बेहतर शिक्षा और अच्छे भविष्य की उम्मीद कर रही है. लेकिन उत्तर भारत के कई राज्यों में स्कूलों की स्थिति ऐसी है कि छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता में नाराजगी बढ़ रही है. कहीं शिक्षक नहीं हैं, तो कहीं पीने का पानी, शौचालय, साफ-सफाई और ठीक-ठाक भवन तक उपलब्ध नहीं हैं. इसी वजह से बच्चे अब अपनी समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज उठा रहे हैं.
उन्होंने सरकारी स्कूलों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जबकि मौजूदा स्कूलों की हालत सुधारने की जरूरत है. मायावती ने इसे वंचित और कमजोर वर्गों के बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल बताया. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘शिक्षित बनो’ संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुजन समाज के लिए शिक्षा हमेशा से महत्वपूर्ण रही है. उनके मुताबिक, बसपा की चारों सरकारों के दौरान शिक्षा और कमजोर वर्गों के बच्चों के हितों पर विशेष ध्यान दिया गया था.
12 जगहों पर बच्चों का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कई स्थानों पर स्कूली बच्चों के प्रदर्शन सामने आए हैं. लखनऊ के पारा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में शिक्षकों की कमी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर छात्राओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया. उन्नाव के मोहान में छात्रों ने खराब भोजन, पानी की कमी और शिक्षकों की कमी की शिकायत की.
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कन्नौज के जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी में खाने और दूसरी सुविधाओं को लेकर छात्रों ने विरोध किया. बस्ती में जलभराव और खराब सड़क से परेशान बच्चों ने विधायक का काफिला रोककर समस्या बताई. महोबा में स्कूल आने-जाने के रास्ते की खराब हालत के खिलाफ बच्चों ने हाईवे पर जाम लगाया. आजमगढ़ में छात्रों ने प्रमुख विषयों के शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया. लखीमपुर खीरी और मुरादाबाद में भी स्कूलों की सुविधाओं और जर्जर भवनों को लेकर बच्चों ने आवाज बुलंद की. मायावती ने कहा कि सरकारों को बच्चों की शिकायत सुननी चाहिए और प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं पर किसी तरह का बल प्रयोग करने से बचना चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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