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FCRA से लेकर राम मंदिर तक…; मायावती ने लगाई सत्ता-विपक्ष की क्लास, दोनों को जमकर धोया

Mayawati attacks BJP and Congress: संसद का मॉनसून सत्र हंगामे के साथ स्थगित होने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को जमकर धोया है. FCRA बिल, राम मंदिर चंदे में भ्रष्टाचार और बिना चर्चा के बिल पास होने पर मायावती ने सत्ता और विपक्ष की ‘मिलीभगत’ का पर्दाफाश किया है.

Mayawati on Monsoon Session

Mayawati attacks BJP and Congress: लगातार हंगामे, नारेबाजी और विवादों के बीच संसद का मॉनसून सत्र समय से पहले ही स्थगित कर दिया गया है. पूरे सत्र के दौरान जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद हुई और बिना चर्चा के ही कई अहम फैसले ले लिए गए. सत्र के इस तरह खत्म होने के तुरंत बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने एक बेहद आक्रामक बयान जारी कर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जमकर ‘क्लास’ लगा दी है. मायावती ने साफ शब्दों में कहा है कि संसद में जो कुछ भी हुआ, वह सत्ता और विपक्ष की आपसी ‘मिलीभगत’ और राजनीतिक स्वार्थ का नतीजा था.

FCRA बिल पर दोनों कर रहे राजनीति ( Mayawati On FCRA Bill JPC)

विदेशी चंदा नियमन कानून (FCRA संशोधन बिल) को लेकर मायावती ने सरकार और विपक्ष दोनों को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि सरकार इसे अति-महत्वपूर्ण बताकर आनन-फानन में पास कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के अंधी जिद और बिना किसी प्रारंभिक चर्चा के ही इसे आपाधापी में JPC (संयुक्त संसदीय समिति) को भेज दिया गया. मायावती ने आईना दिखाते हुए कहा, “कांग्रेस और उसके सहयोगी इस बिल को अल्पसंख्यक विरोधी बता रहे हैं, जबकि सरकार इसे विदेशी फंडिंग के भ्रष्टाचार से जोड़ रही है. सच तो यह है कि दोनों ने ही इस बिल का सिर्फ और सिर्फ राजनीतिकरण किया है.”

विपक्ष की जिद से सरकार ने मिनटों में पास कराए बिल

विपक्ष (INDIA ब्लॉक) की कार्यप्रणाली की बखिया उधेड़ते हुए बसपा चीफ ने कहा कि अगर विपक्ष हंगामा करने के बजाय संसद चलने देता, तो बिल की कमियां पूरे देश के सामने आतीं. लेकिन विपक्ष ने अपनी जिद में संसद को ठप रखा. इसी ड्रामे का पूरा फायदा उठाते हुए सरकार ने उन तमाम अन्य बिलों को मिनटों में पास करा लिया, जिन्हें विपक्ष को रोकना चाहिए था. मायावती ने तंज कसते हुए कहा कि यह सब देखकर लगता है कि या तो विपक्ष की सरकार के साथ अंदरूनी मिलीभगत है, या फिर वे ‘जेन-जी’ (Gen-Z) के वोटों के लालच में देश के असली मुद्दों से आंखें मूंद चुके हैं.

राम मंदिर चंदे में भ्रष्टाचार का मुद्दा क्यों भूला विपक्ष?

मायावती ने विपक्ष पर एक और बड़ा ‘बम’ फोड़ते हुए राम मंदिर का मुद्दा उछाला. उन्होंने कहा कि विपक्ष को अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में हुई कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का मुद्दा संसद में जोर-शोर से उठाना चाहिए था. लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थ और डर के चलते विपक्ष ने इस इतने बड़े मुद्दे को पूरी तरह किनारे कर दिया, जबकि इस पर चर्चा होना देश के लिए बहुत जरूरी था.

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‘सर्वजन’ का हित सिर्फ BSP के पास (Mayawati After Parliament adjourned)

सत्ता और विपक्ष के इस ‘नूराकुश्ती’ वाले खेल से जनता को सचेत करते हुए मायावती ने कहा कि दोनों ही खेमे सिर्फ अपने-अपने राजनीतिक स्वार्थ की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने जनता से अपील की है कि इन स्वार्थी गठबंधनों से बचकर देश को सिर्फ अंबेडकरवादी ‘बहुजन समाज पार्टी’ से जुड़ना चाहिए, जो ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर पूरी ईमानदारी से काम कर रही है. मॉनसून सत्र के फ्लॉप शो के बाद मायावती के इस बयान ने सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी है.



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