सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक रील पोस्ट करने के मामले में निलंबित की गई यूपी पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) अनु कॉलिस ने अब यूट्यूब लाइव के जरिए अपना पक्ष रखा है. पिछले कुछ दिनों से कमरे में बंद अनु ने लाइव आकर अपना दर्द बयां किया और बताया कि इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद में डाल दिया है.
आचरण के सवालों पर दरोगा का जवाब
2023 बैच की दरोगा अनु कॉलिस, जो निलंबन से पहले मेरठ एसएसपी कार्यालय में तैनात थीं, ने अपने परिधानों को लेकर उठ रही उंगलियों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी पसंद के कपड़े पहनती हैं, तो इससे किसी दूसरे व्यक्ति को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? अनु के मुताबिक, उनके पहनावे को लेकर उनके पिता को कोई ऐतराज नहीं है, फिर समाज को क्या शिकायत है?
अनु ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पुलिस महकमे की छवि को बिल्कुल धूमिल नहीं किया है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो कुछ दिखाया जा रहा है, वह पूरी सच्चाई नहीं है. वह किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उम्मीद करती हैं कि सच सामने आएगा.
क्यूआर कोड के दावे पर बखेड़ा
मामले में मोड़ तब आया जब सोशल एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने अनु कॉलिस के दावों पर सवाल उठा दिए. अनु ने अपनी सफाई में जिस क्यूआर कोड (QR Code) को इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा बताया था, दीपिका ने उसकी जांच की.
सोशल एक्टिविस्ट का दावा है कि उन्होंने उस कथित क्यूआर कोड के जरिए 11 रुपये ट्रांसफर करके देखा, जिससे पता चला कि वह कोई इंस्टाग्राम का लिंक नहीं बल्कि सीधा एक बैंक खाता है. इस खुलासे के बाद विवाद और ज्यादा गहरा गया है.
गौरतलब है कि अनु कॉलिस को 16 अगस्त को पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. फिलहाल इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच एसपी क्राइम अवनीश कुमार कर रहे हैं. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे विवाद की असली सच्चाई सामने आ पाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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