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Sitapur Fire Accident: सीतापुर/जीतेन्द्र सैनी: सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरैया चलाकापुर गांव में शनिवार देर शाम राजाराम के घर खाना बनाया जा रहा था. तभी अचानक मौसम बदला और तेज धूल भरी आंधी चलने लगी. आंधी इतनी जबरदस्त थी कि चूल्हे से उठी एक चिंगारी ने छप्पर को पकड़ लिया. तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के 15 घरों को अपनी आगोश में ले लिया.
मां-बेटी की जलकर दर्दनाक मौत (Mother Daughter Burnt Alive In Sitapur)
इस अग्निकांड में सबसे हृदयविदारक घटना बाराबंकी से अपनी रिश्तेदारी में आई महिलाओं के साथ हुई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर के अंदर मौजूद इदुरा (75 वर्ष) और उनकी पुत्री फूलमती (55 वर्ष) को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे ने शादी-ब्याह और खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया.
‘माही’ जिंदगी की जंग लड़ रही (Sitapur Sadarpur Fire)
आग की चपेट में आने से 7 साल की मासूम बच्ची माही गंभीर रूप से झुलस गई है. ग्रामीणों और पुलिस ने रेस्क्यू कर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिसवां पहुँचाया, जहाँ से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है. फिलहाल मासूम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
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कुदरत ने ही बुझाई आग
ग्रामीणों ने हैंडपंप की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की भीषण लपटों के सामने वे बेबस नजर आए. इसी बीच तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. यह बारिश ही थी जिसने आग को और ज्यादा फैलने से रोका और अंततः उसे शांत किया, वरना पूरे गांव का वजूद खतरे में पड़ सकता था.
विधायक ने दिया आश्वासन (Sitapur News Today)
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम बालकृष्ण, क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिस बल मौके पर पहुँच गए. लेखपाल ने अग्निकांड में हुए लाखों रुपये के नुकसान का आकलन किया है. क्षेत्रीय भाजपा विधायक आशा मौर्या ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए सरकार की ओर से हर संभव सहायता और उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया.
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