OP Rajbhar On SP Political Rebellion: इस समय पूरे देश में सियासी बगावत का एक अभूतपूर्व दौर चल रहा है. चाहे वह महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के भीतर मची भगदड़ हो या फिर बंगाल और झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुआ बड़ा ‘खेला’; विपक्षी खेमों में आंतरिक असंतोष का ज्वालामुखी फटा हुआ है. बगावत की इसी कूटनीतिक आग की लपटें अब उत्तर प्रदेश की सियासत को भी अपनी आगोश में लेने के लिए तैयार हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (SP) के भीतर एक बहुत बड़ी सांगठनिक टूट का दावा करते हुए सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है.
अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ (PDA) के दावों पर करारा प्रहार करते हुए राजभर ने ऐलान किया है कि क्रांति की जननी कही जाने वाली ‘बागी बलिया’ की धरती से एक बार फिर बहुत बड़ी बगावत की शुरुआत होने जा रही है.
सपा के वजूद के लिए खतरा (OP Rajbhar Statement on SP)
इस वक्त यूपी की राजनीति ओमप्रकाश राजभर का दावा सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बन चुका है. मुरादाबाद से सपा की नवनिर्वाचित और कद्दावर सांसद रुचि वीरा के सपा के आधिकारिक ‘PDA समारोह’ में शामिल न होने को आधार बनाकर राजभर ने अखिलेश यादव के कोर वोट बैंक में लगी उस गहरी दरार को उजागर किया है, जो आने वाले दिनों में सपा के वजूद के लिए खतरा बन सकती है.
राजभर का सपा पर सीधा और तीखा वार (SP Sanatani Identity Politics)
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बहराइच और बलिया के दौरों के बीच सपा की आंतरिक गुटबाजी पर बड़ा दावा किया है. उन्होंने मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के बहाने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा, “सपा के पीडीए समारोह में मुरादाबाद वाली सांसद रुचि वीरा नहीं पहुंचीं न? बाद में वे कह रही होंगी कि उन्हें बताया नहीं गया, सूचना नहीं मिली या बात को छुपाया गया. लेकिन सच यह है कि सपा के भीतर सनातनी और अगड़े नेताओं का दम घुट रहा है.
राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सपाई मानसिकता के लोग बात-बात पर डराने की कोशिश करते हैं, जिससे अब हर कोई दूरी बना रहा है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ‘बागी बलिया’ की भूमि ही इस महा-बगावत का नेतृत्व करेगी क्योंकि ब्राह्मण और अगड़ा समाज सब कुछ भूल सकता है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूल सकता.
रामगोपाल यादव पर गंभीर आरोप (Chacha Shivpal Factor In SP)
सपा के भीतर मचे घमासान पर आगे बोलते हुए राजभर ने रामगोपाल यादव पर बेहद गंभीर व्यक्तिगत और जातिगत आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ने उनके और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ जिन अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है, उसे पूरे बहुजन समाज ने देखा है. राजभर ने दावा किया कि घमंडी नेताओं के कारण सपा का टूटना बिल्कुल तय है.
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ओमप्रकाश राजभर ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस टूट के बाद बची हुई समाजवादी पार्टी के असली राष्ट्रीय अध्यक्ष ‘असली चाचा’ (शिवपाल यादव) ही बनेंगे, क्योंकि वही दोबारा संगठन खड़ा करने का माद्दा रखते हैं. जबकि दूसरे ‘घमंडी चाचा’ (प्रोफेसर रामगोपाल) को अखिलेश जी के ‘शिव’ चाचा वापस प्राइमरी का मास्टर बनाकर छोड़ेंगे.
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