प्रयागराज, 28 मई 2025: इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वी सी दीक्षित ने कहा है कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर ही राष्ट्र को स्वस्थ बनाया जा सकता है. उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों और कीटनाशकों का उपयोग बंद करने का आह्वान किया, जो खेतों को बंजर बना रहे हैं और बीमारियों को बढ़ावा दे रहे हैं. यह विचार उन्होंने प्रयागराज के करछना विकास खंड में मां गंगा के तट पर स्थित कबरा गांव में एक हर्बल प्रोड्यूसर कंपनी के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए. इस अवसर पर एक विशाल जैविक किसान गोष्ठी का भी आयोजन हुआ.
किसानों को जैविक खेती की सलाह
न्यायमूर्ति दीक्षित ने कहा कि अधिक पैदावार के लालच में रासायनिक खादों और जहरीले कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग खेतों को नष्ट कर रहा है. उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले केले और लौकी एक सप्ताह तक सुरक्षित रहते थे, लेकिन अब ये एक-दो दिन में खराब हो जाते हैं. इसका कारण रासायनिक खेती है, जो फलों और सब्जियों को विषाक्त बना रही है. उन्होंने सुझाव दिया कि किसान पहले अपने परिवार के लिए जैविक अनाज और सब्जियां उगाएं, जिससे स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा. धीरे-धीरे यह बदलाव गांव, जिला, प्रदेश और पूरे देश में फैलेगा.
सरकारी योजनाओं का जिक्र
संयुक्त कृषि निदेशक एस पी श्रीवास्तव ने बताया कि भारत और उत्तर प्रदेश सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. नमामि गंगे परियोजना के तहत जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट और गौ पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जैविक खेती भारत के कृषि भविष्य की आधारशिला होगी, जो एक स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण करेगी.
कंपनी के प्रयासों की सराहना
न्यायमूर्ति दीक्षित ने शेष दुर्गा हर्बल प्रोड्यूसर कंपनी के संस्थापक आर पी पाण्डेय की जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सराहना की. उन्होंने कहा कि पाण्डेय का यह प्रयास एक दिन रंग लाएगा, जब सभी किसान जैविक खेती अपनाएंगे. गोष्ठी में स्थानीय किसानों, अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य कृष्ण प्रकाश तिवारी ने किया.
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