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अय्याशी बनी काल! 2 बीवियां, 18 बच्चे और फिर तिसरे से इश्क लड़ाने के चक्कर में गई पूर्व प्रधान की जान

प्रतापगढ़ के पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन की हत्या का राज खुल गया है. 2 पत्नियों और 18 बच्चों वाले मुन्ना की हत्या उसकी प्रेमिका सुमन ने साथियों संग मिलकर की. ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आरोपियों ने रॉड से हमला कर लाश नहर में फेंकी थी.

Pratapgarh Murder Case

AI जेनरेटेड इमेज

Pratapgarh Murder: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यह कहानी एक ऐसे पूर्व प्रधान की है जिसका घर 18 बच्चों से गुलजार था, दो-दो पत्नियां एक ही छत के नीचे रहती थीं, लेकिन ‘तीसरी’ महिला के चक्कर में उसकी जिंदगी का खौफनाक अंत हो गया. मांधाता इलाके के रहने वाले पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना की हत्या की जो कहानी निकलकर सामने आई है, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है.

18 बच्चों का ‘रंगीन मिजाजी’ पिता

50 साल के मुस्तका गुलशन की निजी जिंदगी काफी चर्चा में रही है. उसने महज 16 साल की उम्र में किस्मतुल निशा से पहली शादी की थी. इसके ठीक 10 साल बाद उसने अंबिया बानो से दूसरा निकाह किया. ताज्जुब की बात यह है कि मुन्ना अपनी दोनों पत्नियों को एक ही घर में साथ रखता था. पहली पत्नी से उसके 9 बच्चे (6 बेटे और 3 बेटियां) थे और दूसरी पत्नी से भी उसे 9 ही संतानें थीं. यानी 18 बच्चों और दो पत्नियों वाले इस भरे-पूरे परिवार का मुखिया होने के बावजूद मुन्ना की ‘रंगीन मिजाजी’ कम नहीं हुई थी.

ब्लैकमेलिंग और खूनी साजिश

मुन्ना का सुमन नाम की एक महिला के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. पुलिस की जांच में सामने आया कि मुन्ना अक्सर सुमन पर मिलने का दबाव बनाता था और उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था. इसी ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सुमन ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया.

बीती 18 मार्च को सुमन अपने मायके आई हुई थी. मुन्ना को जैसे ही इसकी भनक लगी, वह उससे मिलने पहुंच गया. वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि सुमन ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मुन्ना पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया. सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से मुन्ना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने लाश को एक बोरे में भरा और चुपचाप नहर के किनारे फेंक कर फरार हो गए.

कॉल डिटेल ने खोला राज

जब मुन्ना कई दिनों तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जब मुन्ना के फोन की कॉल डिटेल खंगाली, तो आखिरी लोकेशन और बातचीत सुमन के पास मिली. 21 मार्च को पुलिस ने सुमन को हिरासत में लिया. शुरुआत में तो वह पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया.

सुमन की निशानदेही पर पिछले रविवार को पुलिस ने नहर किनारे से बोरे में बंद मुन्ना की लाश बरामद की. पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि हत्या में शामिल उसके अन्य साथियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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