शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने झूंसी थाना पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मामले की गहन जांच करने को कहा है.
प्रयागराज कोर्ट का आदेश
एडीजे (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने यह आदेश दिया. शिकायतकर्ता शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने सेक्शन 173(4) के तहत अर्जी दी थी. उन्होंने स्वामी पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सुनवाई की और FIR दर्ज करने का फैसला सुनाया. अब झूंसी थाने में केस दर्ज होगा.
अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि स्वामी के आश्रम में बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ. कुछ रिपोर्ट्स में 20 बच्चों के शोषण का जिक्र है. शिकायतकर्ता ने पहले पुलिस को शिकायत दी थी लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने 13 फरवरी को दो नाबालिग पीड़ितों के वीडियो बयान भी दर्ज किए थे.
यह आदेश स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए बड़ा झटका है. वे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं और धार्मिक जगत में चर्चित नाम हैं. कोर्ट के फैसले के बाद जांच शुरू होगी. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि न्याय मिल गया है. अभी तक स्वामी या उनके पक्ष से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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