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राधा रानी की पोशाक पर कुतुब मीनार में बवाल, मासूमों को एंट्री देने से किया इनकार; देखें VIDEO

Qutub Minar News: कुतुब मीनार में राधा रानी की पोशाक पहने बच्चों को प्रवेश देने से कथित रूप से रोकने का मामला सामने आया है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

कुतुब मीनार में पारंपरिक पोशाक पहने बच्चों को रोकने का आरोप, वीडियो वायरल.

कुतुब मीनार में पारंपरिक पोशाक पहने बच्चों को रोकने का आरोप, वीडियो वायरल. (PC: भारत एक्सप्रेस)

Qutub Minar News: राजधानी दिल्ली के महरौली स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक कुतुब मीनार परिसर में जन्माष्टमी के अवसर पर एक परिवार के बच्चों को प्रवेश देने से रोकने के दावे के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. आरोप है कि बच्चों को केवल उनकी धार्मिक पोशाक के कारण कतार से बाहर निकाला गया.

दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में जन्माष्टमी के मौके पर घूमने पहुंचे एक परिवार ने सुरक्षाकर्मियों पर आरोप लगाया है कि उनकी बच्चियों को सिर्फ इसलिए कतार से अलग कर दिया गया क्योंकि वे राधा रानी के रूप में सजी हुई थीं. परिवार के अनुसार, टिकट लेने के बावजूद उन्हें पोशाक को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अपनी संस्कृति और अधिकारों के प्रति आवाज उठाने की बात कही है.

क्या है मामला?

देश की राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में स्थित ऐतिहासिक कुतुब मीनार में एक परिवार के साथ हुई कथित घटना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि एक परिवार जन्माष्टमी के अवसर पर अपनी बेटियों के साथ परिसर देखने पहुंचा था. परिजनों का आरोप है कि उचित टिकट लेने और लाइन में खड़े होने के बावजूद वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उनकी बेटियों को प्रवेश करने से रोक दिया और कतार से अलग कर दिया.

पहनावे को लेकर बच्चों की एंट्री रोकी गई

दावे के मुताबिक, बच्चों को रोकने की वजह उनका पहनावा था, क्योंकि वे जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राधा रानी के रूप में सज-धज कर पहुंची थीं. पीड़ित परिवार का कहना है कि विरासत स्थलों पर धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनकर जाने पर इस तरह का व्यवहार समझ से परे है. घटना के बाद परिवार को काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस पूरी घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आई, नेटिजन्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया. लोगों का कहना है कि परीक्षाओं और सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर पारंपरिक प्रतीकों को लेकर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाता है. साथ ही, मौके पर मौजूद अन्य लोगों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए कि इस तरह की स्थिति में कोई परिवार के पक्ष में बोलने आगे नहीं आया.

सुरक्षाकर्मियों के रवैये पर स्पष्टीकरण और उचित कदम उठाने की मांग

सोशल मीडिया पर यूजर इस बात को लेकर भी चिंता जता रहे हैं कि बचपन में इस तरह की घटनाओं से बच्चों के मन में अपनी ही संस्कृति और परंपराओं को लेकर झिझक या डर बैठ सकता है. घटना के सामने आने के बाद अब संबंधित प्रशासन से सुरक्षाकर्मियों के इस रवैये पर स्पष्टीकरण और उचित कदम उठाने की मांग की जा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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