UP News: लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है. उन्होंने बताया कि सैनिक रक्षा की पहली पंक्ति जरूर हैं, लेकिन असली मजबूती जनता की एकता, अनुशासन और जागरूकता से आती है.
बदलते हालात में सतर्कता
राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच कोई भी व्यक्ति निष्क्रिय नहीं रह सकता. उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया.
गलत सूचना से खतरा
उन्होंने सूचना को एक शक्तिशाली हथियार बताते हुए कहा कि अफवाहें और गलत खबरें समाज में अस्थिरता फैला सकती हैं. मीडिया को उन्होंने राष्ट्र निर्माण का अहम भागीदार बताया और कहा कि संवेदनशील मुद्दों को सनसनीखेज तरीके से पेश करने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करती. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है ताकि भारतीय सेना को देश में बने आधुनिक हथियार मिल सकें. उन्होंने बताया कि 2024-25 में रक्षा उत्पादन 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा और 2025-26 में रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये रहा. लक्ष्य है कि 2029-30 तक रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचे.
वीरता को सम्मान
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने युद्ध नायकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया. उन्होंने मेजर सोमनाथ शर्मा, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज पांडे और अन्य वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि इनकी कहानियां युवाओं को साहस, देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती रहेंगी.
सैनिक परिवारों का योगदान
रक्षा मंत्री ने शहीद सैनिकों के परिवारों को अदृश्य शक्ति स्तंभ बताया और कहा कि उनका मनोबल पूरे राष्ट्र को प्रेरित करता है. उन्होंने जनता से आग्रह किया कि इन परिवारों के योगदान का सम्मान करें.
कार्यक्रम में मौजूदगी
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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