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गौतमबुद्धनगर में दो दिनों के लिए लागु होगा धारा-163, धार्मिक आयोजनों पर भी रोक

डॉ. भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसंबर को गौतमबुद्धनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी. ये कदम बीआर अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा उठाया गया है.

डॉ. भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसंबर को गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddha Nagar) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी. ये कदम बीआर अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा उठाया गया है.

धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियों की आशंका

प्रशासन के अनुसार इस दिन विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आशंका है. अगर ऐसा होता है तो इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

इसी संवेदनशीलता को देखते हुए 5 दिसंबर से 6 दिसंबर 2025 तक पूरे जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है. इस संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, मनीषा सिंह ने एकतरफा आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा कि इन दो दिनों में किसी भी प्रकार की भीड़, जुलूस, धार्मिक आयोजन अथवा प्रदर्शन पर नियंत्रण आवश्यक है, ताकि किसी भी तरह का तनावपूर्ण माहौल न बनने पाए.

समूह बनाने पर लगा प्रतिबंध

आदेश में बताया गया है कि 6 दिसंबर की तारीख श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद प्रकरण के संदर्भ में संवेदनशील मानी जाती है. साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर होने वाले आयोजनों और विभिन्न संगठनों की संभावित गतिविधियों के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम जरूरी हैं.

जारी निर्देशों के अनुसार बिना पूर्व अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों का किसी भी सार्वजनिक स्थान पर समूह बनाना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित होगा. सरकारी कार्यालयों के आसपास एक किलोमीटर की परिधि में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह वर्जित रहेगा. अन्य स्थानों पर ड्रोन शूटिंग के लिए पुलिस की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी. ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए लाउडस्पीकरों की आवाज की सीमा निर्धारित की गई है.

धार्मिक आयोजन पर रोक

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा. धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर केवल परिसर तक सीमित रहने चाहिए. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज, पूजा या किसी भी धार्मिक आयोजन पर रोक रहेगी, जब तक कि विधिवत अनुमति न ली जाए. विवादित स्थानों पर किसी भी प्रकार की पूजा या धार्मिक गतिविधि करने को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है.

इसके अलावा लाठी, डंडा, तेजधार हथियार, ज्वलनशील पदार्थ और लाइसेंसी शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमना प्रतिबंधित है. शादी-ब्याह के समारोहों में हर्ष फायरिंग पूरी तरह वर्जित रहेगी. खुले स्थानों या मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर या ज्वलनशील वस्तुएं इकट्ठा करना भी गैरकानूनी होगा. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या तनाव पैदा करने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

अभद्रता-मारपीट करने पर होगी सख्त कारवाई

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों एवं नगर निगम कर्मचारियों के साथ अभद्रता या मारपीट करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए जारी किया गया है. किसी भी उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और कमिश्नरेट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस

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