Shankaracharya Controversy: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर उठे विवाद में अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कूद गए हैं. उन्होंने सीएम योगी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और माफी मांगने को कहा.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि शंकराचार्य सनातन परंपरा के वाहक हैं. वो भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं. शंकराचार्य साक्षात भगवान शंकर का रूप हैं. संतो का सम्मान करना हर सरकार और नागरिक का कर्तव्य है.
दंडवत प्रणाम कर माफी मांगे योगी- अजय राय
अजय राय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सलाह दी कि उन्हें खुद शंकराचार्य के पास जाकर उन्हें दंडवत प्रणाम करना चाहिये.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को खुद जाकर शंकराचार्य के चरणों में गिरकर माफी मांगनी चाहिये. वो बड़े दिलवाले हैं, वो जरूर माफ कर देंगे.
क्या है पूरा मामला?
प्रयागराज में चल रहे माघ मेला में स्नान के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ पालकी में सवार होकर गंगा घाट जा रहे थे. भीड़ ज्यादा होने की वजह से मेला प्रशासन ने उनकी पालकी रोक दी और पैदल जाने के लिए प्रार्थना की. जिसपर उनके शिष्य भड़क गए और शंकराचार्य को पालकी के साथ गंगा घाट ले जाने पर अड़ गए.
जिसके बाद पुलिस और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ जमकर धक्का-मुक्की हो गई. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने आरोप लगाया कि संगम स्नान के दौरान पुलिसकर्मियों ने ना सिर्फ शंकराचार्य से राजदंड छीना बल्कि बटुकों की शिखा पकड़कर घसीटा और कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा.
मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर देश की राजनीति गर्म हो गई. विपक्ष ने योगी सरकार पर सनातन का अपमान करने और साधु संतों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया. विपक्ष ने इसे सनातन परंपरा और गुरु-शिष्य मान-मर्यादा का अपमान बताया.
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योगी ने बताया कालनेमि
विवाद सामने आते ही सीएम योगी ने एक संबोधन में रामचरितमानस के पात्र कालनेमि का जिक्र किया था. उन्होंने माघ मेले को यज्ञ के समान बताया और कहा कि जो इस यज्ञ में बाधा डालने का काम करता है वो कालनेमी के समान है.
कालनेमी वह राक्षस था जो साधु का वेश धरकर भगवान हनुमान का रास्ता रोका था.
-भारत एक्सप्रेस
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