Siddharthnagar Rescue: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बीते 16 घंटों से चल रहा एक बड़ा संकट आखिरकार रविवार सुबह सुखद अंत के साथ खत्म हुआ. पानी की एक ऊंची टंकी पर फंसे किशोरों को बचाने के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर को मोर्चा संभालना पड़ा. जब जमीन पर प्रशासन की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं, तब सेना की रेस्क्यू टीम ने किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें लेकर गोरखपुर रवाना हुए. इस सफल ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है.
कुदरत ने कोशिशों पर फेरा पानी
ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ किशोर पानी की टंकी पर चढ़ तो गए, लेकिन नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा. देखते ही देखते 16 घंटे बीत गए और किशोर ऊपर ही फंसे रहे. प्रशासन ने उन्हें नीचे उतारने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था.
योजना ये थी कि टंकी के दोनों तरफ से वैकल्पिक सड़क बनाई जाए ताकि रेस्क्यू टीम ऊपर पहुंच सके. शनिवार देर रात काम भी शुरू हुआ, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 3 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और मिट्टी धंसने की वजह से सड़क निर्माण का काम ठप पड़ गया.
आधी रात को लिया गया बड़ा फैसला
बिगड़ते मौसम और किशोरों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) और तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने देर रात ही ये तय किया कि अब और जोखिम नहीं लिया जा सकता. तुरंत सेना से संपर्क साधा गया और एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर की मांग की गई. रविवार सुबह जैसे ही हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी, वहां मौजूद भारी भीड़ और अधिकारियों की उम्मीदें जाग उठीं.
हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
रेस्क्यू का जो वीडियो सामने आया है, वह किसी फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा रोमांचक है. नीचे उतरने का कोई जरिया न होने के कारण सेना के जवानों ने हेलीकॉप्टर से किशोरों को सुरक्षित लिफ्ट किया.
मौके पर डीएम, एडीएम, एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ये ऑपरेशन बेहद सावधानी से पूरा किया गया. रेस्क्यू के तुरंत बाद किशोरों को प्राथमिक जांच और देखरेख के लिए हेलीकॉप्टर से ही गोरखपुर ले जाया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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