Dr Rajeshwar Singh BJP: जब भी देश के लोकतंत्र पर खतरा आता है, तब देश को ऐसे नेतृत्व की जरूरत होती है जो सच के साथ मजबूती से खड़ा रहे. इसी कड़ी में सरोजनीनगर से बीजेपी विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) जैसे संवैधानिक विषय पर इन दलों का रवैया यह दिखाता है कि इनके लिए देश का हित नहीं, बल्कि वोट-बैंक की राजनीति सबसे ऊपर है.
बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की चुप्पी कोई संयोग नहीं है. कई मामलों में इन दलों ने परोक्ष रूप से ऐसे घुसपैठियों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों को मतदाता बनाकर राजनीतिक फायदा उठाया जा सके. उनके अनुसार, किसी भी स्वतंत्र और संप्रभु देश के लिए यह सोच बेहद खतरनाक है.

मतदाता सूची लोकतंत्र की पवित्र नींव
विधायक डॉ. सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे पवित्र नींव होती है. इसे राजनीति का हथियार नहीं बनाया जा सकता. विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कोई राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि एक जरूरी और संवैधानिक प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि देश के चुनावों में वही लोग वोट डालें जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं. अवैध घुसपैठियों को लोकतंत्र में जगह देना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
उन्होंने कहा कि हर राष्ट्रवादी नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस प्रक्रिया का समर्थन करे और लोकतंत्र की शुद्धता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए. लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और जनसंख्या से जुड़े गंभीर मुद्दों पर स्पष्ट रुख लेने से बचते हैं.
सपा जैसी पार्टियां करती हैं तुष्टिकरण की राजनीति
डॉ. राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि ये दल तुष्टिकरण की राजनीति में इतने आगे बढ़ चुके हैं कि मज़ारों और दरगाहों पर जाना तो जरूरी समझते हैं, लेकिन राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक प्रतीक के लिए इनके पास न समय है और न सम्मान. उन्होंने इसे धर्मनिरपेक्षता नहीं, बल्कि अवसरवादी और वोट-बैंक की राजनीति बताया.
अंत में उन्होंने कहा कि आज देश के सामने विकल्प बिल्कुल साफ है या तो राष्ट्र को प्राथमिकता दी जाए, या फिर अवैध वोट-बैंक की राजनीति को. देश को ऐसी राजनीति चाहिए जो संविधान, राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मूल्यों पर आधारित हो, न कि ऐसी जो सिर्फ चुनावी फायदे के लिए लोकतंत्र और राष्ट्रीय हित से समझौता करे.
-भारत एक्सप्रेस
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