Sitapur Temple Demolition Dispute: सीतापुर/जीतेन्द्र सैनी: सीतापुर जनपद के मुख्य चौराहे के सुंदरीकरण की योजना अब विवादों के घेरे में आ गई है. शनिवार को जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ कैप्टन मनोज पांडे चौक पर अतिक्रमण हटाने पहुँची. इस दौरान रास्ते में आ रहे एक पुराने मंदिर को हटाने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय लोग और हिंदू संगठन के पदाधिकारी विरोध में उतर आए, जिससे मौके पर भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई.
ड्रिल ऑपरेटर ने किया इनकार
घटनाक्रम में उस समय नाटकीय मोड़ आया जब मंदिर हटाने के लिए बुलाए गए ड्रिल मशीन के ऑपरेटर ने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए मंदिर पर प्रहार करने से मना कर दिया. स्थिति को संभालते हुए नायब तहसीलदार स्वयं छेनी-हथौड़ी लेकर मंदिर को विस्थापित करने के प्रयास में जुट गए. इस दृश्य को देख वहां मौजूद भीड़ का आक्रोश और बढ़ गया. प्रशासन का तर्क है कि मंदिर को तोड़ा नहीं जा रहा, बल्कि उसे ससम्मान दूसरी जगह विस्थापित (Relocate) करने की योजना है.
SDM की मान-मनौव्वल और ADM की एंट्री
विरोध को देखते हुए एसडीएम सदर धमिनी एस. खुद मोर्चा संभालती नजर आईं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वे मंदिर के सामने हाथ जोड़कर लोगों से शांति बनाए रखने और विकास कार्य में सहयोग करने की अपील करती दिखीं. हालांकि, जब मामला हाथ से निकलता दिखा तो एडीएम नीतीश कुमार सिंह को स्वयं मौके पर पहुँचना पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कैप्टन मनोज पांडे चौक का विस्तार शहर की यातायात व्यवस्था और सुंदरता के लिए अनिवार्य है.
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हिंदू संगठनों की चेतावनी (Sitapur Hindu Sher Sena Protest)
मौके पर पहुंचे ‘राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना’ के महासचिव प्रदीप हिंदू ने प्रशासन की इस कार्रवाई को हिंदू आस्था पर चोट बताया. पुलिस ने पदाधिकारियों को मौके से हटाने की कोशिश की, जिससे विवाद और बढ़ गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल प्रशासन ने मंदिर को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया है, लेकिन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है.
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