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योगी सरकार की निवेश क्रांति के नायक बन रहे “उद्यमी मित्र”, हैवल्स से लेकर अमूल तक की सक्रिय भूमिका से UP में बदली निवेश की तस्वीर

हैवल्स इंडिया लिमिटेड ने नोएडा में 879 करोड़ रुपये के आरएंडडी सेंटर के लिए निवेश किया, जो अब 2026 तक क्रियाशील होगा. यह तभी संभव हो पाया जब उद्यमी मित्रों ने समयबद्ध ढंग से प्रक्रियागत अड़चनों को दूर किया.

CM YOGI

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश ने जिस रफ्तार से औद्योगिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, उसमें उद्यमी मित्र एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरे हैं. इन प्रशिक्षित उद्यमी मित्रों ने न केवल प्रदेश में निवेश को गति दी है, बल्कि निवेशकों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें विश्वास और सुविधा का माहौल भी दिया है. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार के “एक जिला, एक उत्पाद” से लेकर “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट” जैसी पहलें तभी ज़मीन पर सफल हो पाईं जब उद्यमी मित्रों ने अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा, संकल्प और कार्यकुशलता से निभाया. आज यूपी में हो रहे रिकॉर्ड निवेश इसी भरोसे का परिणाम है, जहां सरकार और निवेशक के बीच सेतु का कार्य उद्यमी मित्र बखूबी निभा रहे हैं.

प्रदेश में निवेश के लिए लगाया जोर

हैवल्स इंडिया लिमिटेड ने नोएडा में 879 करोड़ रुपये के आरएंडडी सेंटर के लिए निवेश किया, जो अब 2026 तक क्रियाशील होगा. यह तभी संभव हो पाया जब उद्यमी मित्रों ने समयबद्ध ढंग से प्रक्रियागत अड़चनों को दूर किया. इसी तरह, शारदा ग्रुप द्वारा आगरा में ₹600 करोड़ की लागत से विकसित हो रही हेल्थ सिटी परियोजना को भी नियामक स्वीकृतियों के माध्यम से सुचारू रूप से आगे बढ़ाया गया.

प्रयागराज में जेके सीमेंट की ₹400 करोड़ की सीमेंट परियोजना भूमि म्यूटेशन और सड़क मार्ग से जुड़ी बाधाओं से जूझ रही थी, लेकिन उद्यमी मित्रों के त्वरित हस्तक्षेप से यह चुनौती भी पार हो गई. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की फतेहपुर परियोजना में 11 केवी की लाइन देरी का कारण बनी थी, जिसे उद्यमी मित्रों ने तत्परता से हल कर परियोजना को शुरू कराया.

वहीं, बाराबंकी में डॉ. रमेश चंद्रा की ₹50 करोड़ की विनमैक्स एग्रो इंडस्ट्रीज और वाराणसी में अमूल के बोर्डिंग हाउस प्रोजेक्ट को भी उद्यमी मित्रों ने स्पष्टता और त्वरित अनुमोदनों के साथ आगे बढ़ाया.

निवेश प्रोत्साहन की रीढ़ बने ‘उद्यमी मित्र’

इन्वेस्ट यूपी के तहत उद्यमी मित्रों ने GBC 4 की परियोजनाओं का डेटा सटीक रूप से अपडेट किया है. इसके अतिरिक्त जीबीसी 5 के लिए एमओयू को टैग करने और व्यवस्थित करने का कार्य भी तेज़ी से जारी है. वहीं, निवेशकों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर सुनी, सुलझाई और आवश्यकता अनुसार उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही हैं.

उद्योग बंधु की बैठकें नियमित रूप से आयोजित कर निवेशकों से संवाद कायम किया जा रहा है. इसके साथ ही टीम ने इंडस्ट्री पायलट सर्वे, ईवी स्टेशन सर्वे और लैंड साइट विजिट्स जैसे कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए हैं.

योगी सरकार के नए यूपी का विजन हो रहा साकार

प्रदेश सरकार ने उद्यमी मित्र योजना की शुरुआत ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पूर्व की थी, ताकि निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं, अनुमतियों और समस्याओं के समाधान में एक समर्पित प्रतिनिधि मिल सके. ये मित्र विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं और उन्हें विभिन्न जिलों व विभागों में नियुक्त किया गया है, ताकि वे निवेश संबंधी अड़चनों को दूर कर निवेशकों का मार्गदर्शन कर सकें.

उद्यमी मित्र योजना ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए एक भरोसेमंद और सक्षम राज्य के रूप में स्थापित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है. यह पहल न केवल निवेशकों की सुविधा सुनिश्चित करती है, बल्कि प्रदेश सरकार के ‘न्यू यूपी’ के विजन को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम भी बन रही है.


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-भारत एक्सप्रेस



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