अब्दुल समद मकबरा
UP News: फतेहपुर जिले के अबूनगर इलाके में स्थित अब्दुल समद मकबरे को लेकर धार्मिक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है. हिंदू संगठनों का दावा है कि यह मकबरा नहीं है बल्कि ठाकुर जी और भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है. जिसे बाद में तोड़कर मकबरे में तब्दील कर दिया गया है.
क्या है मामला ?
शनिवार को हजारों की भीड़ मकबरे के पास जुट गई. हिंदूवादी संगठन के लोग बैरिकेड़िंग तोड़कर मकबरे पर चढ़ गए और भगवा झंडा फहराकर पूजा पाठ शुरू कर दी. इस दौरान दो मजारो को डंडो से तोड़ दिया गया. जवाब में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया
प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की है. जिलाधिकारी रवींद्र सिंह और एसपी अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हिंदब पक्ष को समझाकर हटाया. जबकि मुस्लिम पक्ष केलोग अभी घटना स्थल पर मौजूद हैं. अधिरकारियों का कहना है कि फिलहाल कानून व्यवस्था सामान्य है लेकिन सतर्कता बरती जा रही है.
हिंदू संगठन का दावा
हिंदू संगठन का दावा है कि मकबरे की दीवारों पर त्रिशूल और अलग-अलग हिंदू धार्मिक चिन्ह बनाए गए हैं. जिससे यह पता चलता है कि यह जगह हिदूओं का है. वहीं मकबरे के मुतवल्ली मोहम्मद नफीस का कहना है कि यह मकबरा 500 साल पुराना है. जिसे अकबर के पोते ने बनवाया था. सरकारी राष्ट्रीय संपतति में भी इस साक्ष्य को बताया गया है.
पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजा
फिलहाल पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. हर गली और चौराहे पर पुलिस की निगरानी है. वहीं प्रशासन की कोशिश है कि दोनों पक्षों में विश्वास लाया जाए और किसी भी तरह की हिंसा को रोका जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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