Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

कार्यकाल खत्म, लेकिन रसूख कायम! यूपी में पंचायत चुनाव होने तक पुराने प्रधानों के हाथ में ही रहेगी गांवों की चाबी

UP Panchayat Elections: उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में फिलहाल सत्ता परिवर्तन नहीं होगा. प्रदेश सरकार ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही पंचायत चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए रखने का फैसला किया है.

UP Panchayat Elections

UP Panchayat Elections

UP Panchayat Elections: उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में फिलहाल सत्ता परिवर्तन नहीं होगा. प्रदेश सरकार ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही पंचायत चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए रखने का फैसला किया है.

पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद अब 27 मई से पुराने प्रधान ही गांवों में नियमित प्रशासनिक और विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार द्वारा जारी शासनादेश के मुताबिक, वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है.

6 महीने तक रहेंगे प्रधान

पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत सामान्य परिस्थितियों में नई पंचायतों का गठन समय से कराया जाना चाहिए, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी न होने की स्थिति में सरकार ने अंतरिम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. शासन ने स्पष्ट किया है कि नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक वर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करेंगे.

हालांकि, उन्हें केवल सामान्य और नियमित कार्यों के संचालन की अनुमति होगी. किसी भी तरह के नीतिगत या वित्तीय महत्व के बड़े फैसले लेने पर रोक रहेगी. विशेष परिस्थितियों में ऐसे प्रस्ताव जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद ही लागू हो सकेंगे.

आगामी पंचायत चुनाव की चल रही तैयारी

पंचायती राज विभाग के इस फैसले को आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, आरक्षण प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं में समय लग सकता है.

ये भी पढ़ें- असम में UCC बिल पेश होते ही ओवैसी का बड़ा हमला, बोले- यह बेटियों को विरासत से वंचित करने की देता है छूट

ऐसे में सरकार गांवों में विकास योजनाओं, साफ-सफाई, पेयजल, मनरेगा और अन्य जरूरी कार्यों को प्रभावित नहीं होने देना चाहती. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में देरी होने पर मौजूदा प्रधानों की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital