UP News: मेरठ के बाद अब मुजफ्फरनगर का छपार टोल प्लाजा सुर्खियों में है जहां मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. टोल प्रबंधन के डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन आरोपियों को शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया जिनमें से दो को गोली लगी है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भौराकलां थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर रायसिंह निवासी शुभम और शिव मलिक हाल ही में टोल प्लाजा पर नौकरी पर लगे थे. गुरुवार रात दोनों परिसर में शराब पी रहे थे. टोल मैनेजर मुकेश चौहान और डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय ने उन्हें टोका और पुलिस वेरिफिकेशन के कागजात मांगे. इससे दोनों भड़क गए और बहस करने लगे, लेकिन मामला वहीं शांत हो गया.
रात करीब 2 बजे आरोपी अपने साथियों के साथ कार में लौटे और गेस्ट हाउस में सो रहे दोनों अधिकारियों पर हमला कर दिया. मारपीट के दौरान अरविंद पांडेय को जबरन कार में डालकर फरार हो गए. बाद में उनकी हत्या कर शव को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में झाड़ियों में फेंक दिया गया. शुक्रवार शाम पुलिस ने शव बरामद कर लिया.
ठेकेदार ने दर्ज कराई FIR
घटना की जानकारी मिलने पर टोल प्लाजा के ठेकेदार विनोद मलिक ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की.
पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
शुक्रवार देर रात पानीपत-खटीमा मार्ग पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. बदमाशों ने फायरिंग की तो जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई. इसमें शुभम चौधरी और शेखर के पैर में गोली लगी जबकि तीसरा आरोपी प्रदीप भी पकड़ा गया. उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार और हथियार बरामद हुए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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