महाकुंभ नगर: मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में हुए हादसे को लेकर योगी सरकार गंभीर है और स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना की पल-पल मॉनिटरिंग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में घायलों को समुचित इलाज दिया जा रहा है. अच्छी चिकित्सा व्यवस्था के साथ ही दवाइयां, टेस्ट और खाना निशुल्क प्रदान किया जा रहा है. घायलों के साथ-साथ उनके तीमारदारों के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है. उनके भी निशुल्क खाने पीने की व्यवस्था की गई है. यही नहीं, स्वास्थ्य लाभ के बाद रिलीव किए जा रहे मरीज को उनके घर तक पहुंचाने के लिए भी समुचित व्यवस्था की जा रही है. योगी सरकार और अस्पताल द्वारा दी जा रही इन सुविधाओं से मरीज और उनके तीमारदार काफी प्रसन्न हैं और वो इसके लिए उन्हें धन्यवाद के साथ ही आशीर्वाद भी दे रहे हैं.
सारे टेस्ट और दवाइयां निशुल्क
जौनपुर की 32 वर्षीय संयोगिता यादव भी हादसे का शिकार हो गई थीं. उनकी स्थिति अब ठीक है और डॉक्टर ने उन्हें रिलीव कर दिया है. संयोगिता के भाई विवेक यादव ने बताया कि डॉक्टर से यहां पर उनकी बहन का सीटी स्कैन, एक्सरे व अन्य जरूरी टेस्ट निःशुल्क कराए. अस्पताल के स्टाफ ने हमारे पेशेंट की अच्छे से देखभाल की. दवा उपलब्ध कराई. मरीज के साथ ही तीमारदार को भी खाना उपलब्ध कराया गया और अब हमारे मरीज को घर तक भेजने के लिए एंबुलेंस भी दी जा रही है. हम योगी सरकार का इस सुविधा के लिए आभार जताते हैं.
मरीजों के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार
झारखंड रांची से आई 50 वर्षीय मनोरमा देवी भी हादसे में इंजर्ड हो गई थीं. उनके पति ईश्वरीय दयाल ने बताया कि योगी सरकार ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है लेकिन किसी वजह से यह हादसा हो गया. सरकार के निर्देश पर एसआरएन अस्पताल में बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है. मरीज को अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. हमारा मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हो रहा है. इसके लिए हम अस्पताल और डॉक्टर का शुक्रिया अदा करते हैं.
सेवा में जुटा स्टाफ
फतेहपुर निवासी 65 वर्षीय सिंह नारायण को हादसे में पैर में चोट लगी थी. तेजी से रिकवरी कर रहे हैं. उन्होंने बताया की अस्पताल में उन्हें बेहतर इलाज मिल रहा है, डॉक्टर और पूरा स्टाफ पूरी तत्परता से सेवा में लगे हुए हैं. उन्होंने सभी का धन्यवाद दिया और खासकर योगी सरकार को मरीजों की देखभाल के लिए चिंता करने पर आशीर्वाद दिया. इसी तरह, लखनऊ की 34 वर्षीय गौरी शर्मा ने भी सीएम योगी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने महाकुंभ की बहुत अच्छी व्यवस्था की है. दुर्भाग्य से यह हादसा हो गया, लेकिन इसके बावजूद सीएम योगी के निर्देश पर उन्हें हर संभव मदद तत्काल मिली. डॉक्टर ने दिन रात मेहनत करके मरीज का ध्यान रखा और उन्हें समुचित इलाज दिलाया.
साजिश से भी इनकार नहीं
अस्पताल में भर्ती मरीज हादसे के लिए साजिश से भी इनकार नहीं करते. लखनऊ निवासी गौरी शर्मा ने कहा कि जिस तरह की व्यवस्था की गई थी, कोई हादसा होना संभव नहीं था. यह जानबूझकर कराया गया. इसमें जरूर किसी न किसी की साजिश है, जो की जांच का विषय है. इसी तरह, रांची की मनोरमा देवी ने भी बताया कि स्नान के वक्त करीब 20 युवक दौड़ते हुए आए और श्रद्धालुओं को धक्का देने लगे इसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति हो गई. सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए.
घरों तक छोड़ने के लिए उपलब्ध कराए जा रहे साधन
एसोसिएट प्रोफेसर सर्जरी डिपार्टमेंट एवं मीडिया प्रभारी मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज डॉ संतोष सिंह ने बताया कि अस्पताल ने कुल 41 घायलों को भर्ती किया गया था जिसमें से 10 को डिस्चार्ज कर दिया गया है. कुछ घायल मरीज शाम तक और डिस्चार्ज हो जाएंगे. सभी मरीजों को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराई गई है और सभी का स्वास्थ्य बेहतर है. एक भी मरीज अब क्रिटिकल नहीं है. मरीज के साथ ही उनके अटेंडेंट को भी निशुल्क खाना दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर मरीजों के इलाज में कहीं कोई कोर कसर नहीं रखी गई है. यहां तक की मरीज के डिस्चार्ज होने पर उन्हें उनके घरों तक छोड़ने के लिए एंबुलेंस हुआ अन्य साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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