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योगी सरकार का बड़ा कदम, शहरी बाढ़ नियंत्रण के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम

योगी सरकार लखनऊ, मेरठ, शाहजहांपुर समेत कई नगर निगमों में आधुनिक जल निकासी प्रणाली विकसित कर रही है. लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से नालों के पुनर्विकास और निर्माण का कार्य किया जा रहा है.

Yogi Government to build modern drainage system

योगी सरकार शहरी बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए अभी से एक्टिव मोड में आ गयी है. इसके लिए नगर विकास विभाग को जलभराव, बाढ़ से बचाव के लिए आधुनिक तकनीकों, जल निकासी प्रणाली के सुधार और नदी तटों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं. इसी के तहत लखनऊ, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, शाहजहांपुर सहित अन्य नगर निगमों में आधुनिक जल निकासी प्रणाली विकसित की जा रही है. इसके लिए योगी सरकार ने करीब 750 करोड़ की धनराशि जारी की है. इससे इन शहरों में ड्रेनेज सिस्टम, नालों का पुनर्विकास और निर्माण किया जाएगा.

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जल निकासी को बनाया जा रहा अत्याधुनिक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में शहरों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और बाढ़ नियंत्रण उपायों को लेकर बैठक की थी. इस दौरान सीएम ने नगर विकास विभाग और जल निगम को शहरों में सीवेज एवं ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिये. साथ ही नालों की नियमित सफाई, जलभराव रोकने के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली को बढ़ावा देने और बाढ़ नियंत्रण के लिए नए पंपिंग स्टेशन बनाने के निर्देश दिये.

अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जल निकासी को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है, इससे जलभराव को कम किया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में बाढ़ से बचाव हेतु विशेष योजनाएं चल रही हैं. इन शहरों में जलनिकासी चैनलों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.

राजधानी में मोहम्मदी नाले का पुनर्विकास और गेटापल्ली नाले का किया जाएगा डायवर्जन

सीएम ने बैठक में लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा और शाहजहांपुर में ड्रेनेज सिस्टम को डवलप करने के लिए 733 करोड़ की धनराशि जारी की है. इससे लखनऊ में किला मोहम्मदी नाला का पुनर्विकास होगा. इसके लिए 193.73 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत 10.571 किलोमीटर लंबी जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी. इससे 2.5 लाख की आबादी को राहत मिलेगी. इसी तरह लखनऊ के गेटापल्ली नाले का डायवर्जन किया जाएगा. इसके लिए 112.47 करोड़ की लागत से 4.435 किलोमीटर लंबी आरसीसी ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी. इससे 5 लाख लोगों को लाभ मिलेगा. वहीं मेरठ में ओडेन ड्रेन का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए 156.79 करोड़ की लागत से 18.33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाली जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे 4.35 लाख लोग लाभान्वित होंगे.

इसके अलावा गाजियाबाद में शाहबेरी ड्रेन का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना पर 132.65 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे 3.9 लाख लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी. वहीं मथुरा में भूतेश्वर से अंबाखर नाले तक जल निकासी परियोजना पर 89.71 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी. इस परियोजना से 75,000 लोगों को राहत मिलेगी. शाहजहांपुर में रोज़ा अड्डा से दमह पुलिया तक जल निकासी में सुधार किया जाएगा. इसके लिए 47.75 करोड़ की लागत से जल निकासी नेटवर्क का विकास किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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