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बिहार का यह कैसा वीआईपी स्कूल? जहां क्लासरूम में बच्चों के साथ बेंच पर बैठ रहे हैं सांप और जोंक, देखें VIDEO

School Waterlogging Bihar: गोपालगंज में बारिश के बाद सांसद महोदय के पुराने स्कूल का बुरा हाल है. क्लासरूम में पानी के साथ सांप-जोंक तैर रहे हैं, जिससे बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है.

Bihar Gopalganj School Badh

School Waterlogging Bihar:अटल बिहारी पाण्डेय/गोपालगंज:  बिहार में मानसून की बारिश अब सरकारी दावों की पोल खोल रही है. गोपालगंज से एक बेहद हैरान और डराने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल टापू में तब्दील हो चुका है. खौफ की बात यह है कि अब क्लासरूम के भीतर सांप और जोंक तैर रहे हैं.

बिहार में मॉनसून की बारिश अब आम जनता के लिए आफत की बारिश बन चुकी है. राज्य में विकास के बड़े-बड़े दावों को ‘बाढ़’ और जलजमाव के पानी ने पूरी तरह बहा दिया है. इसकी सबसे बदहाल और डरावनी तस्वीर गोपालगंज से सामने आई है, जहाँ प्रशासनिक उदासीनता के कारण नौनिहालों का भविष्य दांव पर लग गया है. विडंबना देखिए कि जिस स्कूल से पढ़कर इस ज़िले के माननीय सांसद महोदय देश की सबसे बड़ी पंचायत (संसद) तक पहुंचे, आज वही स्कूल लाचार और बेबस नजर आ रहा है.

खेल का मैदान बना तालाब (Gopalganj MP school)

गोपालगंज के इस सरकारी स्कूल की तस्वीरें किसी को भी विचलित कर सकती हैं. जहां कभी बच्चे खेल के मैदान में दौड़ते थे और क्लासरूम में बैठकर देश का भविष्य गढ़ते थे, आज वहां सिर्फ और सिर्फ गंदे पानी का कब्ज़ा है. मगर कहानी सिर्फ जलजमाव की नहीं है, कहानी खौफ की है. स्कूल के इसी गंदे पानी के बीच अब जहरीले सांप और जोंक तैर रहे हैं. जिन बेंच-डेस्क पर बच्चों को बैठना था, वहां आज मौत का खतरा मंडरा रहा है.

पढ़ाई पर लगा ‘ब्रेक’ (Snake in classroom Bihar)

आसमान से दो बूंदें गिरते ही यह पूरा स्कूल टापू में तब्दील हो जाता है. इस भयावह मंजर को देखकर स्कूल के शिक्षक और प्राचार्य बेहद परेशान हैं, क्योंकि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन चैन की नींद सो रहा है. इस प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है. किताबों की जगह अब स्कूल में डर का माहौल है, जिसके कारण सहमे हुए माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं.

सिस्टम से बड़ा सवाल: आखिर कब सुधरेगा ढर्रा? (Bihar education department)

स्कूल की शिक्षिका आकर्षिका, शिक्षक राजेश प्रसाद और स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से पूरा परिसर नर्क बन चुका है. अब सवाल यह उठता है कि जो सिस्टम देश को सांसद देने वाले स्कूल को एक अदद जल निकासी (Drainage System) की व्यवस्था नहीं दे सका, वो बाकी स्कूलों की क्या सुध लेगा? आखिर कब तक प्रशासन की इस लापरवाही की कीमत इन मासूम बच्चों को अपना भविष्य दांव पर लगाकर चुकानी पड़ेगी?

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-भारत एक्सप्रेस 



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