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शाजापुर में ‘विमेन आर्मी’ का राज: इस जिले के टॉप पदों पर बैठी महिलाओं ने अचानक क्यों खींचा सबका ध्यान?

Madhya Pradesh Women Power: शाजापुर जिले में सुशासन और सुरक्षा का नया मॉडल मामने आयो है. जहां कलेक्टर, एसपी से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक, सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की कमान महिला अधिकारियों के हाथों में है.

MP Shajapur NariShakti

Madhya Pradesh Women Power:आशुतोष शर्मा/शाजापुर:  मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ समेत सभी प्रमुख विभागों की कमान महिला अधिकारियों के पास है. यह महिला टीम संवेदनशीलता और न्याय के साथ जिले में सुशासन का नया मॉडल चला रही है, जो समाज की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा है.

शाजापुर जिला आज कलेक्टर और एसपी समेत सभी प्रमुख पदों पर महिला अफसरों की तैनाती के साथ नारी सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल बन चुका है. यहां विभिन्न विभागों की कमान संभाल रही महिला अधिकारियों की यह टीम संवेदनशीलता, कड़ी सुरक्षा और त्वरित न्याय का नया मॉडल पेश कर रही है. इन जांबाज अफसरों को शीर्ष पदों पर काम करते देख जिले की हजारों बेटियों को पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने का नया हौसला मिल रहा है. शाजापुर के इस प्रशासनिक ऊंचे ढांचे ने साबित कर दिया है कि नारी शक्ति अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि धरातल पर असली सुशासन है.

महिला नेतृत्व की नई और प्रेरणादायक मिसाल पेश (Nari Sashaktikaran MP)

शाजापुर जिले ने मध्य प्रदेश में महिला नेतृत्व की एक नई और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. यहां कलेक्टर से लेकर पुलिस कप्तान तक, प्रशासन के सभी प्रमुख पदों पर महिला अधिकारी तैनात हैं. कलेक्टर ऋजु बाफना, एसपी प्रियंका शुक्ला और जिला पंचायत सीईओ अनुपम चौहान के नेतृत्व में यह पूरी टीम जिले को नई दिशा दे रही है. इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे, आरटीओ रिना किराड़े, एसडीएम मनीषा वास्कले, खाद्य अधिकारी अंजू मरावी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी नीलम चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी दीपा कीर और पुलिस आरआई वंदना सिंह जैसी जांबाज अफसर शाजापुर में सुशासन, संवेदनशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं.

शाजापुर की ‘वीमेन आर्मी’ ने साबित किया (Women Administrators Shajapur)

जब एक बेटी कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक बनती है, तो वह समाज की हजारों बेटियों को स्कूल जाने और आगे बढ़ने का हौसला देती है. शाजापुर की इस ‘वीमेन आर्मी’ ने साबित कर दिया है कि नारी सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि जब नेतृत्व महिलाओं के हाथ में होता है तो वह प्रशासनिक फैसलों, जनता के सम्मान और सुविधाओं में साफ दिखाई देता है. अब शाजापुर में नारी शक्ति ही शासन है, प्रशासन है और असली सुशासन है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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