Meerut Monkey Menace: यूपी के मेरठ जिले में एक बेहद ही अनोखा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. यहां पर एक कॉलोनी के लोग चेहरे पर बंदर का मुखौटा लगाकर सीधे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए. इतना ही नहीं वहां पर जाकर बंदरों की तरह कूदने-फादने लगे. लोगों ने उछल-कूद करते हुए नगर निगम और वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने कड़वा तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो कॉलोनियों में इंसान नहीं बल्कि सिर्फ बंदर ही नजर आएंगे.
क्या है इस अनोखे प्रदर्शन का कारण?
क्षेत्रीय पार्षद रेखा सिंह और पूर्व पार्षद नीरज सिंह की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया. निवासियों का कहना है कि कॉलोनियों में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि बच्चों का खेलना और बुजुर्गों का टहलना पूरी तरह बंद हो चुका है. आए दिन बंदरों के झुंड सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं और राहगीरों पर हमला कर देते हैं.
कई लोग अब तक इनके हमले में घायल हो चुके हैं. बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, जिसके बाद लोगों को यह अनोखा रास्ता चुनना पड़ा.
अफसरों की आपसी खींचतान में पिस रही जनता
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी साफ उजागर हुई है. दरअसल, नगर निगम और वन विभाग के बीच जारी आपसी तालमेल की कमी इस समस्या का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है. नगर निगम का कहना है कि उनके पास पकड़ने के बाद बंदरों को छोड़ने के लिए जगह तय नहीं है, वहीं वन विभाग यह अनुमति नहीं दे पा रहा कि बंदरों को किस जंगल में भेजा जाए.
दो विभागों की इस ढुलमुल नीति के कारण आम जनता बुरी तरह पिस रही है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दोनों विभाग तुरंत जगह तय करें और बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान शुरू करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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