America Air Strike: सीरिया के पल्मायरा शहर में 13 दिसंबर को हुए घातक हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक सिविलियन इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हुए थे. इस घटना के बाद अमेरिका ने शनिवार को आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए दर्जनों ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की.
ऑपरेशन “हॉकआई स्ट्राइक”
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले के जवाब में “ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक” शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ISIS के लड़ाकों, उनके बुनियादी ढांचे और हथियार स्थलों को निशाना बनाया है. हेगसेथ ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह कार्रवाई हमारे सैनिकों की शहादत का सीधा जवाब है.
Earlier today, U.S. forces commenced OPERATION HAWKEYE STRIKE in Syria to eliminate ISIS fighters, infrastructure, and weapons sites in direct response to the attack on U.S. forces that occurred on December 13th in Palmyra, Syria.
This is not the beginning of a war — it is a…
— Secretary of War Pete Hegseth (@SecWar) December 19, 2025
अमेरिका की कड़ी चेतावनी
हेगसेथ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अगर दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाया गया तो अमेरिका हमलावरों को ढूंढ निकालेगा और बेरहमी से खत्म कर देगा. उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन में ISIS को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लड़ाके मारे गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
13 दिसंबर को पल्मायरा में एक बंदूकधारी ने अमेरिकी और सीरियाई सेनाओं के काफिले पर गोलीबारी की थी. इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक ट्रांसलेटर की मौत हो गई थी. बाद में हमलावर को मार गिराया गया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर सीरियाई सुरक्षा बलों का सदस्य था जिसे कट्टरपंथी विचारों के कारण बर्खास्त किया जाने वाला था.
ISIS की भूमिका
हालांकि ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली लेकिन अमेरिका ने इसे ISIS से जुड़ा मानकर कार्रवाई की. बशर अल-असद सरकार के पतन के एक साल बाद अमेरिकी सैनिकों पर यह पहला बड़ा हमला था. फिलहाल सीरिया में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो ISIS के बचे-खुचे लड़ाकों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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