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ट्रंप का बड़ा फैसला, ईरान संग युद्ध विराम आगे बढ़ा, होर्मुज पर नाकाबंदी बरकरार

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्षविराम को पाकिस्तान की अपील पर बढ़ाने का ऐलान किया है. होर्मुज पर नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि शांति वार्ता पर अनिश्चितता बनी हुई है.

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ऐलान किया कि ईरान के साथ जारी संघर्षविराम को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कदम पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर उठाया गया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान की सरकार इस समय आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है और उसे एकीकृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए.

ट्रुथ सोशल पर दी जानकारी

ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा कि ईरानी नेतृत्व बिखरा हुआ है और बातचीत के लिए स्पष्ट रुख अपनाने में समय लगेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के चलते अमेरिका ने हमला रोकने का फैसला किया है ताकि तेहरान अपने नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक साझा प्रस्ताव पेश कर सके.

नाकाबंदी जारी रखने का आदेश

राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना को होर्मुज क्षेत्र में नाकाबंदी जारी रखने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सेना को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा. सीजफायर तब तक लागू रहेगा जब तक ईरान अपना प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं करता और बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती.

तनाव अब भी बरकरार

हालांकि सीजफायर लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है. फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को दो हफ्ते का युद्धविराम लागू हुआ था, जो 22 अप्रैल को खत्म होना था. अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है, लेकिन हालात अभी भी नाजुक हैं और किसी भी समय तनाव बढ़ सकता है.

उपराष्ट्रपति का दौरा स्थगित

इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का पाकिस्तान दौरा भी टाल दिया गया है. यह यात्रा ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता के लिए तय थी, लेकिन तेहरान की ओर से अमेरिकी प्रस्तावों पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया.

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया

ईरान की ओर से ट्रंप के फैसले पर कड़ा बयान आया है. संसद अध्यक्ष के सलाहकार ने कहा कि सीजफायर का विस्तार अमेरिका की रणनीति है ताकि अचानक हमले के लिए समय मिल सके. उन्होंने नाकाबंदी को बमबारी के बराबर बताया और कहा कि इसका सैन्य जवाब दिया जाना चाहिए. उनका कहना था कि हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं थोप सकता.

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शांति वार्ता पर अनिश्चितता

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है. ईरान ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा या नहीं. ऐसे में सीजफायर बढ़ने के बावजूद भविष्य की वार्ता पर सवाल बने हुए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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