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10 लाख लोग प्रभावित, 51 मौतें और पानी में घिरे लाखों परिवार… बांग्लादेश में कुदरत का ये कैसा इंतकाम?

Bangladesh Flood 2026: पड़ोसी बांग्लादेश इस समय भारी बाढ़ से जूझ रहा है. अबतक यहां बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 39 लोग घायल हुए हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक देश में अबतक बाढ़ से 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

Bangladesh Flood 2026

Bangladesh Flood 2026

Bangladesh Flood 2026: पड़ोसी बांग्लादेश इस समय भारी बाढ़ से जूझ रहा है. अबतक यहां बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 39 लोग घायल हुए हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक देश में अबतक बाढ़ से 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया ने आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय के हवाले से बताया कि देश में 2,67,918 परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं. राहत कार्य लगातार जारी है. अब तक 44,457 लोगों को सुरक्षित जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्‍यादा प्रभावित जिलों में रंगामाटी, बंदरबन, हबीगंज, मौलवीबाजार, खगराछारी, कॉक्स बाजार और चटगांव शामिल हैं. सबसे ज्‍यादा 28 लोगों की मौत कॉक्स बाजार में हुई है. इसके बाद चटगांव में 13, बंदरबन में 6, रंगामाटी में 3 और मौलवीबाजार में 1 व्यक्ति की जान गई है.

पूरे देश में खोले गए 1 हजार से ज्यादा राहत शिविर

मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ का असर 58 उपज़िलों, 386 यूनियनों और 12 नगरपालिकाओं पर पड़ा है. प्रभावित लोगों के लिए पूरे देश में 1,131 राहत शिविर खोले गए हैं.

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार को सभी संबंधित विभागों और जमीनी स्तर के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि भारी बारिश से हुई जलभराव की स्थिति में लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. साथ ही राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं बिना देरी के लोगों तक पहुंचाई जाएं.

अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को सौंपी रिपोर्ट

यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह निर्देश देश के सभी आठ डिवीजनों के डिवीजनल कमिश्नरों, पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), डिप्टी कमिश्नरों (डीसी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी), सिविल सर्जनों और अन्य अधिकारियों के साथ हुई एक वर्चुअल बैठक के दौरान दिए.

बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने इलाकों में जलभराव की स्थिति, हुए नुकसान, राहत शिविरों की हालत, बचाव अभियान, राहत वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रधानमंत्री को दी.

प्रभावित लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाई जा रही

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस आपात स्थिति में लोगों की जान और उनकी संपत्ति की रक्षा करना प्रशासन की सबसे बड़ी ज‍िम्मेदारी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सूखा राशन, साफ पीने का पानी, बच्चों का खाना, जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं.

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उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरी तरह सतर्क रहने को कहा. साथ ही निर्देश दिया कि इस आपात स्थिति का फायदा उठाकर चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की हेराफेरी या किसी भी तरह के अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

-भारत एक्सप्रेस



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