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बांग्लादेश में जिंदा जलाए गए हिंदू व्यवसायी खोकन दास की मौत, पेट्रोल छिड़ककर हमलावरों ने लगाई थी आग

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला जारी है. शरियतपुर के फार्मासिस्ट खोकन चंद्र दास को हमलावरों ने रास्ते में रोककर पेट्रोल से जला दिया था. तीन दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया.

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Bangladesh Violence: यह खबर पड़ोसी देश बांग्लादेश से है, जहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक दिल दहला देने वाली घटना में, हिंदू व्यवसायी खोकन दास ने शनिवार को ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

खोकन पर तीन दिन पहले न केवल धारदार हथियारों से हमला किया गया था, बल्कि उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई थी.

क्या है पूरी घटना?

शरियतपुर जिले के कोनेश्वर यूनियन के तिलोई गांव के रहने वाले 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पेशे से एक फार्मासिस्ट थे. केउरभांगा बाजार में उनकी अपनी दवा की दुकान थी और साथ ही वे मोबाइल बैंकिंग का काम भी देखते थे. बुधवार की रात जब वे अपनी दुकान बढ़ाकर ऑटो-रिक्शा से घर लौट रहे थे, तभी दामुड्या-शरियतपुर रोड पर कुछ हमलावरों ने उनका रास्ता रोक लिया.

अपराधियों ने पहले उन पर हथियारों से हमला किया और फिर बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उन पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी. खुद को बचाने की जद्दोजहद में जलते हुए खोकन पास के एक तालाब में कूद गए. उनकी चीख-पुकार सुनकर जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो हमलावर वहां से रफूचक्कर हो गए. गंभीर हालत में उन्हें पहले शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें ढाका रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.

परिवार सदमे में: “हमारा कोई दुश्मन नहीं था”

खोकन की पत्नी सीमा दास का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि खोकन हर रात दुकान की कमाई लेकर घर लौटते थे. सीमा के मुताबिक, “मेरे पति ने शायद दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसलिए उन्होंने जान से मारने की नीयत से उनके सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इलाके में हमारा किसी से कोई झगड़ा नहीं था, कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी. हमें समझ नहीं आ रहा कि उन्हें निशाना क्यों बनाया गया.”

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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय निशाने पर

खोकन दास की मौत कोई अकेली घटना नहीं है. बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक खतरनाक पैटर्न देखने को मिला है. पिछले महीने ही दो अन्य हिंदू युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी:

18 दिसंबर: मैमनसिंह जिले में एक गारमेंट फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी गई और उनके शव को लटकाकर आग लगा दी गई.

राजबाड़ी जिला: अमृत मंडल नाम के एक युवक की वसूली के विवाद को लेकर भीड़ ने जान ले ली.

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-भारत एक्सप्रेस



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