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Bangladesh में नहीं थम रहा हिंदुओं पर जुल्म, 21 हिंदू परिवारों के घरों पर हमला, मानवाधिकार संगठन ने जताई चिंता

Bangladesh में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने गंभीर चिंता जताई है.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने गंभीर चिंता जताई है. HRCBM के अनुसार, रंगपुर जिले के गंगाचरा उपजिला स्थित अलदादपुर गांव में 27 और 28 जुलाई को उग्र भीड़ ने कम से कम 21 हिंदू परिवारों के घरों पर हमला किया, लूटपाट की और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.

मानवाधिकार संगठन ने क्या बताया ?

मानवाधिकार संगठन (Human rights organizations) ने बताया कि एक 17 वर्षीय हिंदू लड़के ने कथित रूप से इस्लाम के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट किया था, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया. हालांकि, इसके बाद भीड़ ने पूरे इलाके में उत्पात मचाया.

HRCBM ने क्या कहा ?

एचआरसीबीएम (HRCBM) के बयान में कहा गया है कि,

“यह महज गुस्से की भावना नहीं थी, बल्कि यह एक संगठित हमला था जो लूटपाट, भय और विस्थापन की भावना से प्रेरित था.”

स्थानीय लोगों ने क्या कहा ?

स्थानीय लोगों के अनुसार, हिंसा के दौरान 14 से 21 घरों पर हमला हुआ. पीड़ितों ने बताया कि पुलिस या तो देर से पहुंची या फिर हालात को संभालने में असमर्थ रही.

किसान कमलकांत रॉय ने क्या बताया ?

एक स्थानीय किसान कमलकांत रॉय ने बताया कि,

“मैं पूरी रात नहीं सो पाया. सुबह होते ही हम चावल, बिस्तर, बकरी और जो कुछ भी था, समेटकर गांव छोड़ने को मजबूर हो गए. हमें नहीं पता कि लौटने पर घर मिलेगा भी या नहीं.”

पुलिस का क्या कहना है?

पुलिस के अनुसार, 14 घरों पर हमला हुआ, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधि और निवासी दावा कर रहे हैं कि कम से कम 21 घरों में लूटपाट हुई और कई मवेशियों को या तो चुराया गया या फिर बेचा गया.

रविवार को दोपहर की नमाज के बाद खीलालगंज बाज़ार के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और हिंदू बहुल क्षेत्र की ओर मार्च किया. भीड़ ने धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया, कीमती सामान लूटे और लोगों को डराया.

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स्थानीय यूनियन सदस्य का क्या कहना है?

स्थानीय यूनियन सदस्य परेश चंद्रा ने कहा कि,

“यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था. यह एक सोची-समझी कार्रवाई थी. इन परिवारों को निशाना बनाया गया, उनके घर खाली करवा दिए गए और उनकी सुरक्षा की भावना को तोड़ दिया गया.”

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस और सेना की तैनाती की गई है. हिंसा रोकने की कोशिश के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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