BRICS में बंद कमरे में क्या हुई ईरान-UAE की बात?
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात हुई. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान‑अमेरिका संघर्ष के बीच यह बैठक शांति की दिशा में अहम मानी गई.
ट्रंप का बेपरवाह बयान
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, यह उन पर निर्भर करता है. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ युद्ध इस साल खत्म हो जाएगा, शायद नवंबर में होने वाले US मिडटर्म चुनावों के बाद. उन्होंने दावा किया कि लड़ाई खत्म होने से तेल और गैसोलीन की कीमतों में भारी गिरावट आएगी.
चुनावों से पहले युद्ध खत्म होने की उम्मीद
आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द ही समाप्त होगा. उन्होंने कहा कि मिडटर्म चुनावों के बाद हालात बदल जाएंगे और गैसोलीन की कीमतें तेजी से नीचे जाएंगी.
ट्रंप ने ईरान डील पर क्या कहा?
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान लगातार डील की कोशिश कर रहा है. उन्होंने साफ किया कि कोई भी समझौता तभी होगा जब वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे. ट्रंप ने कहा, “वे कॉल कर रहे हैं, वे डील चाहते हैं, लेकिन मैं गलत समझौता नहीं करूंगा.”
BRICS में ईरान‑सऊदी मुलाकात
इससे पहले BRICS समिट में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने UAE के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की. ईरान इन इंडिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों नेताओं ने सम्मेलन के दौरान बातचीत की. पेजेशकियन ने कहा कि ईरान को UAE या अन्य पड़ोसी देशों से कोई समस्या नहीं है, बल्कि उनका विरोध इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से है.
पेजेशकियन ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया?
पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका ने पड़ोसी देशों में बेस बनाए हैं और वहीं से ईरान पर हमले करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों से उनके बच्चों की जान जाती है, इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह होता है और नेताओं को निशाना बनाया जाता है.
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नई दिल्ली घोषणापत्र
BRICS नेताओं ने एकमत से नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को अपनाया. इसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई गई और संयम बरतने की अपील की गई. घोषणापत्र में आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता का सम्मान करने पर जोर दिया गया. साथ ही बातचीत और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति और स्थिरता हासिल करने की अपील की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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