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चीन के रईसों का विदेशी ब्रांड्स से मोहभंग, जानिए क्यों Louis Vuitton और Gucci से दूरी बना रहे हैं अमीर चीनी?

China Luxury Market Down: चीन में ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में काफी कमी देखने को मिल रही है. जिसमें लुई विटॉन, Bottega Veneta सहित गुची और बैलेंसिया जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स भी शामिल हैं. इन ब्रांड्स की बिक्री में कम से कम 10 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

Louis Vuitton Gucci sales drop China

चीन में ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में काफी कमी देखने को मिल रही है.

China Luxury Market Down: पूरी दुनिया को अपना डंपिंग ग्राउंड बनाने वाला चीन अब खुद ही मंदी की चपेट में दिख रहा है. यहां ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में काफी कमी देखने को मिल रही है. जिसमें लुई विटॉन, Bottega Veneta सहित गुची और बैलेंसिया जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स भी शामिल हैं. इन ब्रांड्स की बिक्री में कम से कम 10 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी संपत्ति (ऑफशोर वेल्थ) पर पर टैक्स लगाना है. चीन ने इस समय विदेशी संपत्ति पर टैक्स लगाने का अभियान शुरू किया है. जिसने देश के शेयर बाजारों से लेकर कैसीनो तक पर असर डाला है. इस वजह से देश के सबसे अमीर लोग इन विदेशी ब्रांड्स पर कम खर्च कर रहे हैं.

लुई विटॉन से लेकर गुची तक की बिक्री घटी

ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट में बताया गया है कि जुलाई महीने में चीन में मौजूद 25 सबसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में 10% की गिरावट दर्ज की गई है. इससे पहले जून महीने में भी यह गिरावट देखने को मिली थी.

रिपोर्ट के मुताबिक लुई विटॉन (Louis Vuitton) और Dior के साथ-साथ गुची (Gucci), Bottega Veneta और बैलेंसिया (Balenciaga)  जैसे बड़े ब्रांड्स में डबल डिजिट में गिरावट देखने को मिली है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक इस गिरावट का असर अन्य बड़े लग्जरी ब्रांड्स जैसे Chanel और Prada पर भी देखने को मिल रही है. इन ब्रांड्स की ग्रोथ भी काफी धीमी हो गई है.

भस्मासुर बनी चीन की नई टैक्स नीति

गौरतलब है कि चीन को कभी वैश्विक लग्जरी उद्योग की सबसे बड़ी ताकत माना जाता था. लेकिन अब देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार कमजोर पड़ रही है. जिसकी वजह से मध्यम वर्ग अपने खर्च को कम कर रहा है. ऐसे में कंपनियों के लिए अमीर ग्राहकों को लुभाना ज्यादा मुश्किल हो रहा है.

वैश्विक लग्जरी ब्रांड्स की बिक्री में गिरावट का सबसे बड़ा कारण चीन सरकार की नई टैक्स नीति है. अर्थव्यवस्था की रफ्तार कम हो रही है, जिसकी वजह से सरकार देश की पूंजी को विदेश जाने से रोकने के लिए टैक्स बढ़ाने जैसे बड़े कदम उठा रही है. चीन की सरकार ने विदेशी निवेश, ऑफशोर संपत्तियों और निवेश से होने वाली कमाई पर टैक्स बढ़ा दी है. जिसकी वजह से अमीर लोग अपने खर्च को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं.

जुलाई में 6 प्रतिशत रही सेल ग्रोथ

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के खुदरा क्षेत्र में बिक्री की बढ़ोतरी जुलाई में करीब 6 प्रतिशत तक रही. जो कि चीन जैसे बड़े बाजार के लिए काफी कम है. वहीं आभूषण और लग्जरी कारों जैसे बड़े खर्च वाले क्षेत्रों में भी 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. जो यह दिखाता है कि चीन के अमीर लोग अब अपने खर्च को लेकर सावधानी बरत रहे हैं.

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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चीन में व्यापार कर रही लग्जरी कंपनियों के लिए आने वाले अगस्त और अन्य महीने बेहद महत्वपूर्ण होंगे. अगर बाजार में मौजूद उपभोक्ताओं का भरोसा नहीं लौटता है तो चीन में लग्जरी मार्केट की सुस्ती और गहरी हो सकती है.

-भारत एक्सप्रेस



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