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Nepal में Discord पर हुआ देश की पहली महिला पीएम का चयन, जानें क्या है ये ऐप और कैसे करता है काम

Discord कोई आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मनहीं है. इसकी शुरुआत 2015 में गेमर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई थी. मकसद था कि खिलाड़ी गेम से बाहर निकले बिना एक-दूसरे से आसानी से बात कर सकें. इसे जेसन सिट्रोन और स्टैनिस्लाव विशनेव्स्की ने बनाया था.

Discord App Nepal PM, Tech News

Discord App Nepal: नेपाल इन दिनों भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों से उबल रहा है. शुरूआत सरकार के खिलाफ गुस्से से हुई थी, लेकिन जब प्रशासन ने करीब 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया तो हालात और गरमा गए
विरोध की लहर अचानक तेज हो गई और अब दिलचस्प चर्चा यह है कि युवा Discord जैसे चैटिंग प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा होकर नए प्रधानमंत्री तक पर बहस कर रहे हैं.

आखिर Discord है क्या?

Discord कोई आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मनहीं है. इसकी शुरुआत 2015 में गेमर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई थी. मकसद था कि खिलाड़ी गेम से बाहर निकले बिना एक-दूसरे से आसानी से बात कर सकें. इसे जेसन सिट्रोन और स्टैनिस्लाव विशनेव्स्की ने बनाया था. लॉन्च होते ही यह बेहद तेजी से लोकप्रिय हुआ और सिर्फ एक साल में इसके 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स जुड़ गए.

कोरोना महामारी के दौरान इस ऐप की लोकप्रियता कई गुना बढ़ गई. खासकर Gen Z यानी नई पीढ़ी ने इसे अपनाया. पहले जहां Discord सिर्फ गेमिंग बातचीत तक सीमित था, वहीं बाद में इसे पढ़ाई, म्यूजिक, फिल्म, पॉप कल्चर और यहां तक कि सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा.

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कैसे चलता है Discord?

Discord को समझने के लिए इसके “सर्वर” कॉन्सेप्ट को जानना जरूरी है. जब आप ऐप डाउनलोड कर अकाउंट बनाते हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं या तो खुद का सर्वर बनाइए या फिर किसी और के सर्वर से जुड़ जाइए.

एक सर्वर को आप बड़े ऑनलाइन क्लब या कम्युनिटी की तरह समझ सकते हैं. हर सर्वर के भीतर कई चैनल होते हैं, जहां अलग-अलग विषयों पर बातचीत हो सकती है. इन चैनलों में टेक्स्ट मैसेज के अलावा फोटो, वीडियो और वॉइस चैट की सुविधा भी मिलती है. एक सर्वर पर पांच लाख तक सदस्य जुड़ सकते हैं, लेकिन एक ही समय में ढाई लाख से ज्यादा लोग एक्टिव नहीं रह सकते.

नेपाल में Discord की राजनीति

यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है. नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बीच Discord युवाओं के लिए सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आया है. यहां वे बिना रोक-टोक अपनी राय रख रहे हैं, सरकार पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं और यहां तक कि प्रधानमंत्री के चयन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी बहस छेड़ रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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