Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

ट्रंप की ईरान को नई डिमांड से बढ़ी टेंशन, कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल

Trump Impact On Crude: ईरान के सामने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई मांग से तनाव बढ़ा. जिसे अब कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है.

Trump Impact On Crude: मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल के बाजार ने अचानक करवट ले ली है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर चल रही हलचल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई मांग ने बाजार की चिंता बढ़ा दी. इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखाई दिया और ब्रेंट क्रूड कुछ ही समय में करीब 5 फीसदी महंगा होकर 87 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया.

ब्रेंट और WTI दोनों में तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 5 फीसदी चढ़कर 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी 4.50 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ करीब 82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया.

तेल की कीमतों में तेजी का असर सिर्फ क्रूड तक सीमित नहीं रहा. नेचुरल गैस के दाम में भी करीब 4.60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 2.784 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई. बाजार में इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता को माना जा रहा है.

ट्रंप ने ईरान से क्या मांग रखी?

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ट्रंप ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ने के संकेत दे रहे थे. ऐसे में माना जा रहा था कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है. लेकिन अब ट्रंप ने बातचीत में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है.

ट्रंप ने ईरान से उन लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है, जिन्होंने ईरान से जुड़े संघर्षों में अपनी जान गंवाई या गंभीर रूप से घायल हुए. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली भविष्य की बातचीत में यह मुद्दा भी शामिल रहेगा.


ये भी पढ़ें: संसद में खुली ट्रंप की पोल-पट्टी! ईरान जंग को लेकर कर ऐसा क्या बोल गए अमेरिकी सांसद


होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सबसे बड़ा असर तेल बाजार पर इसलिए पड़ता है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद अहम तेल मार्ग है. दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट या तनाव बढ़ने की खबर बाजार में तुरंत हलचल पैदा कर देती है.

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत से शांति की उम्मीद जरूर बनी थी, लेकिन नई मांग ने तस्वीर फिर बदल दी है. अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है. इसका असर पेट्रोल-डीजल से लेकर परिवहन और रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतों पर पड़ने का खतरा है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

Latest