Donald Trump
Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार उस घटना की पुष्टि कर दी है, जिसे लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं. ट्रंप ने बताया कि तुर्किए से ब्रिटेन की यात्रा के दौरान उन्होंने अचानक अपना विमान बदला था. ऐसा उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह पर किया था. ट्रंप के मुताबिक, उस वक्त किसी संभावित खतरे की आशंका थी और सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी.
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में वह अधिकारियों की सलाह मानते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती रहती हैं.” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि एक प्रभावशाली राष्ट्रपति को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ता है और वह खुद को अमेरिका का बेहद प्रभावशाली राष्ट्रपति मानते हैं.
कुछ ही मिनट में बदला पूरा प्लान
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप पहले अंकारा में कैमरों के सामने एयरफोर्स वन में सवार हुए थे. लेकिन कुछ मिनट बाद ही उन्हें एक छोटे सैन्य विमान C-32A में ले जाया गया. खास बात यह थी कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को इसकी जानकारी नहीं दी गई. उन्हें पुराने एयरफोर्स वन में ही रखा गया और विमान की खिड़कियां बंद रखने को कहा गया.
दरअसल, यह पूरी कवायद एक तरह की डिकॉय फ्लाइट का हिस्सा थी. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि राष्ट्रपति या उनके विमान को निशाना बनाया जा सकता है. न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट्स में भी उस समय बताया गया था कि ईरान से जुड़े संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था.
ईरान पर भरोसा नहीं करते ट्रंप
ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल एयरबेस पहुंचने के बाद ट्रंप को फिर नए एयरफोर्स वन में देखा गया. इसके बाद वह इसी विमान से वॉशिंगटन रवाना हुए. जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान की ओर से कोई गंभीर खतरा था, तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहती हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह ईरान पर भरोसा नहीं करते, क्योंकि उनके मुताबिक ईरान पहले भी कई बार झूठ बोल चुका है.
ट्रंप की यात्रा के दौरान अमेरिका ने ईरान पर कई सैन्य हमले भी किए थे. अमेरिका का कहना था कि ये कार्रवाई क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई.
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होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव भी बना हुआ है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से खोलने पर विचार नहीं करेगा.
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और बाजार पर इसका असर देखने को मिलता है.
-भारत एक्सप्रेस
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