US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा, क्योंकि अब हमले के लिए बहुत कम लक्ष्य बचे हैं. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष उनके हाथ में है और जब चाहें इसे खत्म कर सकते हैं. ट्रंप ने यह बातें बुधवार को एक छोटे इंटरव्यू में कहीं, जो करीब पांच मिनट चला.
अमेरिका की योजना से ज्यादा असर
ट्रंप ने दावा किया कि यह अभियान अमेरिका की तय योजना से भी ज्यादा सफल रहा है. छह हफ्तों की रणनीति बनाई गई थी लेकिन उससे कहीं अधिक नुकसान ईरान को पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि ईरान की दुश्मनी सिर्फ अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं थी बल्कि पूरा मिडिल ईस्ट उसकी रडार पर था. ट्रंप के मुताबिक, ईरान पिछले कई दशकों से हिंसा और तबाही फैलाता रहा है और अब उसी का परिणाम भुगत रहा है.
इजराइल का रुख
इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने साफ कहा है कि यह युद्ध अभी खत्म नहीं होगा. उनके अनुसार, जब तक सभी सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते और पूरी तरह जीत हासिल नहीं होती, तब तक अभियान जारी रहेगा. अमेरिकी और इजरायल अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दो हफ्तों तक ईरान पर हमले जारी रह सकते हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की चाल
इस बीच अमेरिका को खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री माइंस बिछाना शुरू कर दिया है. यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि कितनी माइंस लगाई गई हैं, लेकिन अमेरिकी हमलों में ईरान की 16 नावें नष्ट कर दी गईं, जो माइंस बिछाने के लिए इस्तेमाल होती थीं. इससे ईरान की योजना को बड़ा झटका लगा है.
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अमेरिकी सेना का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रेड कूपर ने कहा कि उनका मकसद ईरान की क्षमता को खत्म करना है, ताकि वह होर्मुज में जहाजों को नुकसान न पहुंचा सके. उन्होंने बताया कि लगातार हमलों से ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो रही है और मिसाइल व ड्रोन हमलों में भी कमी आई है. वहीं अमेरिका की ताकत और दबदबा बढ़ता जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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