हमास को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
Donald Trump warning to Hamas: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में पूर्ण शांति का संकल्प लिया है. 20 सूत्रीय समझौते पर उन्हें यकीन है लेकिन कहते हैं कि अगर हमास ने रोड़ा अटकाया तो उसका पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा. सीएनएन के सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर हमास गाजा पर अपनी सत्ता और नियंत्रण छोड़ने से इनकार करता है, तो उसे “पूरी तरह से मिटा दिया जाएगा.”
रविवार को प्रसारित साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि हमास शांति के लिए प्रतिबद्ध है या नहीं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके सहयोगी बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में बमबारी बंद करने के पक्ष में हैं, तो ट्रंप ने कहा: हां.
क्या है ट्रंप की योजना?
डोनाल्ड ट्रंप की योजना के अनुसार, हमास को सभी 48 बंधकों को वापस करना होगा. इसमें से लगभग 20 के बारे में इजरायल का मानना है कि वे अभी भी जीवित हैं. इसके बदले फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई होगी, उसे सत्ता छोड़नी होगी और इसके साथ हथियार भी छोड़ने होंगे. इस प्रस्ताव पर नेतन्याहू ने हामी भर दी है.
तीन मुद्दों पर हमास राजी
हमास केवल तीन बिंदुओं पर सहमत हुआ है: सभी बंधकों की रिहाई, सत्ता का समर्पण और गाजा से इजरायली सैनिकों की वापसी. सूत्रों के मुताबिक, वह अन्य मुद्दों पर अपने मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहा है.
इजरायली हमलों से नुकसान
इस बीच इजरायली हमलों से हुए नुकसान को लेकर गाजा स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़ा पेश किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गाजा पर इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या 67,139 तक पहुंच गई है. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि 7 अक्टूबर 2023 से गाजा पर इजरायली हमलों में 67,139 फिलिस्तीनी मारे गए और 169,583 अन्य घायल हुए हैं. मारे गए ज्यादातर लोग आम नागरिक हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: भाषा-भूषा, भजन-भोजन हमारा चाहिए! मोहन भागवत ने फिर दोहराया अखंड भारत का राग
पीड़ितों को नहीं मिल पा रहा इलाज
मंत्रालय, जिसके आंकड़े संयुक्त राष्ट्र द्वारा आम तौर पर विश्वसनीय माने जाते हैं, ने कहा कि पिछले 24 घंटों में ही कम से कम 65 फिलिस्तीनी मारे गए और 153 अन्य घायल हुए हैं. टेलीग्राम पर अपनी पोस्ट में विभाग ने आगे कहा: कई पीड़ित अभी भी मलबे के नीचे और सड़कों पर हैं, क्योंकि एम्बुलेंस और नागरिक सुरक्षा दल अब तक उन तक नहीं पहुंच पाए हैं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


